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Bilaspur News: भाखड़ा विस्थापितों ने हक की लड़ाई के लिए बनाई रणनीति

Sun, 08 Feb 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 08 Feb 2026 11:42 PM IST
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Bhakra displaced people formulated a strategy to fight for their rights.
कोटधार क्षेत्र में बैठक के बाद ग्रामीणों के साथ जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के पद
23 फरवरी के धरने को लेकर गांव-गांव चलाया जागरूकता अभियान
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कोटधार क्षेत्र में बैठकों का दौर, विस्थापितों से एकजुट होने की अपील

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति ने 23 फरवरी को प्रस्तावित धरने को सफल बनाने के उद्देश्य से जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। समिति के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर भाखड़ा विस्थापितों को उनकी वर्षों से लंबित मांगों के प्रति जागरूक कर रहे हैं और आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान कर रहे हैं।
इसी कड़ी में रविवार को समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने भाखड़ा विस्थापित बहुल कोटधार क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कोसरियां तथा बड़गांव-गलू गांवों में बैठकें कर विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद किया। देशराज शर्मा ने कहा कि भाखड़ा बांध निर्माण के कारण विस्थापित हुए परिवार दशकों से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी और न्यायसंगत समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की भूमि का बंदोबस्त, प्लॉट आवंटन, मूलभूत सुविधाएं और रोजगार जैसे मुद्दे आज भी लंबित हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित धरना किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि भाखड़ा विस्थापितों के हक, सम्मान और न्याय की लड़ाई है। इसके लिए सभी विस्थापित परिवारों का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है।बैठकों में मौजूद स्थानीय लोगों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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समिति की ओर से सरकार और प्रशासन के समक्ष भाखड़ा विस्थापितों की भूमि का शीघ्र बंदोबस्त, जिन विस्थापितों को अब तक प्लॉट नहीं मिले, उन्हें तुरंत प्लॉट आवंटन, काटे गए बिजली और पानी के कनेक्शन तुरंत बहाल किए जाएं, विस्थापितों को बिजली और पानी निशुल्क उपलब्ध करवाया जाए, विस्थापितों के बच्चों को बीबीएमबी एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण, भाखड़ा डैम से मिलने वाली रॉयल्टी का 25 प्रतिशत हिस्सा विस्थापितों के कल्याण पर खर्च, भाखड़ा डैम से सिंचाई और पेयजल उठाने की अनुमति की मांग रखी गई है। इसके अलावा कहा कि भूमिहीन विस्थापितों को भूमि उपलब्ध करवाई जाए, सतलुज नदी पर पुलों और पर्यटन विकास की मांग की। इसके अलावा समिति ने सतलुज नदी पर बैरी दड़ोलां-लुहणू, ज्योरीपतन, बड़गांव-बुखर, गाह-चलौला, बाला और डैहन-नारल में पुलों के निर्माण की मांग उठाई।
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साथ ही सतलुज नदी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, मछुआरों और दौलों के हितों के लिए विशेष योजना बनाने तथा पात्र विस्थापितों को सूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई। बैठकों में बड़गांव-गलू पंचायत के प्रधान रामकृष्ण, कोसरियां पंचायत के प्रधान ओंकार चंदेल, मलराओं पंचायत के प्रधान राजकुमार, श्रीराम चौधरी, तिलक राज, रूप लाल, रमजान मोहम्मद, कुलदीप ठाकुर, बांकू राम सहित बड़ी संख्या में भाखड़ा विस्थापित उपस्थित रहे।
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