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Bilaspur News: झील किनारे मलबा डंप होने के बाद जागा बीबीएमबी, लगाया चेतावनी बोर्ड
Wed, 30 Jul 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:52 PM IST
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बिलासपुर के लुहणू मैदान में बीबीएमबी की ओर से लगाया गया बोर्ड। संवाद
लंबे समय से क्रिकेट मैदान के पास हो रही मलबे की अवैध डंपिंग
अब नाले के पानी के साथ झील में बह रहा डंप किया मलबा
पकड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा बीबीएमबी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के लुहणू में गोबिंद सागर झील के किनारे टनों के हिसाब से मलबा डंप होने के बाद आखिरकार भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) जाग गया है। बीबीएमबी नंगल के मंडल के कार्यकारी अभियंता की ओर से लुहणू में क्रिकेट मैदान के पास चेतावनी बोर्ड लगाया है। इसमें मलबा या कूड़ा फेंकने वालों को चेतावनी है कि यदि पकड़े गए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लुहणू में क्रिकेट मैदान के साथ कई साल से अवैध डंपिंग हो रही है। मलबे को बकायदा जेसीबी से समतल किया जाता रहा है, जिस कारण वहां अब मिट्टी का पहाड़ बन चुका है। हैरानी की बात यह कि मलबे को डंप करने वालों की पहचान तक नहीं हुई है। इस साल हुई भारी मलबे की डंपिंग के कारण झील में मिलने वाला एक नाला तक अवरुद्ध हो गया। अब की बरसात में उस नाले ने अपना रास्ता बदला है। अब नाले के पानी के साथ ही डंप की गई मिट्टी भी झील में मिल रही है। मत्स्य विभाग की रिपोर्ट में पहले ही खुलासा हो चुका है कि गोबिंद सागर झील के किनारे कई जगह पर हुई अवैध डंपिंग से मछली उत्पादन में कमी हुई है। लुहणू में जिस जगह पर यह डंपिंग हो रही थी, वहां कब्रिस्तान भी है। डंपिंग के कारण कब्रिस्तान का क्षेत्र भी लगातार कम हो रहा है। इसके अलावा डंप की गई मिट्टी के ढेर क्रिकेट मैदान के स्तर से काफी ऊपर तक पहुंच गए है, जिससे आने वाले समय में मैदान को भी खतरा हो सकता है। बीबीएमबी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को क्रिकेट मैदान के पास अवैध डंपिंग को लेकर शिकायत भी की जाती रही है, लेकिन डंपिंग करने वाला का पता ही नहीं लग पाया है। लंबे समय से यह जगह मिट्टी और मलबे को डंप करने की साइट बनी हुई है। लोग अपने घरों का मलबा और निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाली मिट्टी को यहां डंप करवा देते हैं। इसके अलावा रसूखदार ठेकेदार भी इसी जगह को डंपिंग साइट के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। दिन दिहाड़े मिट्टी को समतल करने के लिए यहां जेसीबी लगी रही रहती थी। बावजूद इसके यहां डंपिंग को नहीं रोका जा सका। अब यहां टनों के हिसाब से डंप की गई मिट्टी है, जिसे हटाया भी नहीं जा सकता है। फिलहाल बीबीएमबी ने यहां चेतावनी बोर्ड लगाया है। डंपिंग साइट को भी लोहे की मोटी चेन लगाकर बंद किया गया है।
कोट
लुहणू मैदान में झील किनारे डंपिंग करने का मामला सामने आया है। मलबा फेंकने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। यदि कोई पकड़ा जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। डंपिंग को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ भी बैठक की गई हैं। उन्हें भी अवैध डंपिंग पर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। -एसएन बंसल, कार्यकारी अभियंता, आरएम मंडल, बीबीएमबी नंगल
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अब नाले के पानी के साथ झील में बह रहा डंप किया मलबा
पकड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा बीबीएमबी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के लुहणू में गोबिंद सागर झील के किनारे टनों के हिसाब से मलबा डंप होने के बाद आखिरकार भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) जाग गया है। बीबीएमबी नंगल के मंडल के कार्यकारी अभियंता की ओर से लुहणू में क्रिकेट मैदान के पास चेतावनी बोर्ड लगाया है। इसमें मलबा या कूड़ा फेंकने वालों को चेतावनी है कि यदि पकड़े गए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लुहणू में क्रिकेट मैदान के साथ कई साल से अवैध डंपिंग हो रही है। मलबे को बकायदा जेसीबी से समतल किया जाता रहा है, जिस कारण वहां अब मिट्टी का पहाड़ बन चुका है। हैरानी की बात यह कि मलबे को डंप करने वालों की पहचान तक नहीं हुई है। इस साल हुई भारी मलबे की डंपिंग के कारण झील में मिलने वाला एक नाला तक अवरुद्ध हो गया। अब की बरसात में उस नाले ने अपना रास्ता बदला है। अब नाले के पानी के साथ ही डंप की गई मिट्टी भी झील में मिल रही है। मत्स्य विभाग की रिपोर्ट में पहले ही खुलासा हो चुका है कि गोबिंद सागर झील के किनारे कई जगह पर हुई अवैध डंपिंग से मछली उत्पादन में कमी हुई है। लुहणू में जिस जगह पर यह डंपिंग हो रही थी, वहां कब्रिस्तान भी है। डंपिंग के कारण कब्रिस्तान का क्षेत्र भी लगातार कम हो रहा है। इसके अलावा डंप की गई मिट्टी के ढेर क्रिकेट मैदान के स्तर से काफी ऊपर तक पहुंच गए है, जिससे आने वाले समय में मैदान को भी खतरा हो सकता है। बीबीएमबी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को क्रिकेट मैदान के पास अवैध डंपिंग को लेकर शिकायत भी की जाती रही है, लेकिन डंपिंग करने वाला का पता ही नहीं लग पाया है। लंबे समय से यह जगह मिट्टी और मलबे को डंप करने की साइट बनी हुई है। लोग अपने घरों का मलबा और निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाली मिट्टी को यहां डंप करवा देते हैं। इसके अलावा रसूखदार ठेकेदार भी इसी जगह को डंपिंग साइट के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। दिन दिहाड़े मिट्टी को समतल करने के लिए यहां जेसीबी लगी रही रहती थी। बावजूद इसके यहां डंपिंग को नहीं रोका जा सका। अब यहां टनों के हिसाब से डंप की गई मिट्टी है, जिसे हटाया भी नहीं जा सकता है। फिलहाल बीबीएमबी ने यहां चेतावनी बोर्ड लगाया है। डंपिंग साइट को भी लोहे की मोटी चेन लगाकर बंद किया गया है।
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लुहणू मैदान में झील किनारे डंपिंग करने का मामला सामने आया है। मलबा फेंकने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। यदि कोई पकड़ा जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। डंपिंग को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ भी बैठक की गई हैं। उन्हें भी अवैध डंपिंग पर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। -एसएन बंसल, कार्यकारी अभियंता, आरएम मंडल, बीबीएमबी नंगल

बिलासपुर के लुहणू मैदान में बीबीएमबी की ओर से लगाया गया बोर्ड। संवाद
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