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Bilaspur News: जिले में फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध
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उपायुक्त के आदेश 60 दिन तक रहेंगे प्रभावी, युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के उद्देश्य से लिया फैसला
मंडी के बाद ऐसा कदम उठाने वाला प्रदेश का दूसरा जिला बना बिलासपुर
उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बिलासपुर में फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के कारोबार पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने आदेश जारी करते हुए जिले में ऐसे उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन और बिक्री पर रोक लगा दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही बिलासपुर, मंडी के बाद ऐसा कदम उठाने वाला प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में विभिन्न दुकानों के माध्यम से फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। इनमें विभिन्न फ्लेवर और रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे इनका स्वाद और आकर्षण बढ़ जाता है। इससे विशेषकर किशोरों और युवाओं के तंबाकू सेवन की ओर आकर्षित होने का खतरा बढ़ रहा है। जिला दंडाधिकारी ने आदेश में कहा है कि तंबाकू का सेवन पहले से ही गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद निकोटीन की लत को बढ़ावा देने के साथ युवाओं में इसकी आदत विकसित करने का माध्यम बन रहे हैं। इसी को देखते हुए जिले में कूल लिप फिल्टर तंबाकू सहित किसी भी प्रकार के फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के तहत सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, परिवहनकर्ताओं और संबंधित कारोबारियों को ऐसे उत्पादों का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस अधीक्षक, सभी उपमंडल दंडाधिकारी, कार्यकारी दंडाधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, भारतीय न्याय संहिता-2023, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी व्यापारियों और आम नागरिकों से आदेश का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि युवाओं को तंबाकू और नशे की लत से बचाने के इस अभियान में सभी का सक्रिय सहयोग जरूरी है।
कूल लिप्स समेत कई उत्पाद प्रतिबंध के दायरे में
अधिकारियों के अनुसार, कूल लिप्स जैसे फ्लेवर्ड स्मोकलेस तंबाकू उत्पाद आकर्षक पैकिंग और अलग-अलग फ्लेवर के कारण खासतौर पर बच्चों और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के दायरे में कूल लिप्स के अलावा खैनी, गुटका, जरदा और अन्य फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद भी शामिल हैं। इन उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि युवाओं को तंबाकू की लत से बचाया जा सके।
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मंडी के बाद ऐसा कदम उठाने वाला प्रदेश का दूसरा जिला बना बिलासपुर
उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बिलासपुर में फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के कारोबार पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने आदेश जारी करते हुए जिले में ऐसे उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन और बिक्री पर रोक लगा दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही बिलासपुर, मंडी के बाद ऐसा कदम उठाने वाला प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में विभिन्न दुकानों के माध्यम से फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। इनमें विभिन्न फ्लेवर और रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे इनका स्वाद और आकर्षण बढ़ जाता है। इससे विशेषकर किशोरों और युवाओं के तंबाकू सेवन की ओर आकर्षित होने का खतरा बढ़ रहा है। जिला दंडाधिकारी ने आदेश में कहा है कि तंबाकू का सेवन पहले से ही गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद निकोटीन की लत को बढ़ावा देने के साथ युवाओं में इसकी आदत विकसित करने का माध्यम बन रहे हैं। इसी को देखते हुए जिले में कूल लिप फिल्टर तंबाकू सहित किसी भी प्रकार के फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के तहत सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, परिवहनकर्ताओं और संबंधित कारोबारियों को ऐसे उत्पादों का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस अधीक्षक, सभी उपमंडल दंडाधिकारी, कार्यकारी दंडाधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, भारतीय न्याय संहिता-2023, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी व्यापारियों और आम नागरिकों से आदेश का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि युवाओं को तंबाकू और नशे की लत से बचाने के इस अभियान में सभी का सक्रिय सहयोग जरूरी है।
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कूल लिप्स समेत कई उत्पाद प्रतिबंध के दायरे में
अधिकारियों के अनुसार, कूल लिप्स जैसे फ्लेवर्ड स्मोकलेस तंबाकू उत्पाद आकर्षक पैकिंग और अलग-अलग फ्लेवर के कारण खासतौर पर बच्चों और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के दायरे में कूल लिप्स के अलावा खैनी, गुटका, जरदा और अन्य फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद भी शामिल हैं। इन उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि युवाओं को तंबाकू की लत से बचाया जा सके।
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