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Bilaspur News: कोठी पंचायत के उप प्रधान के निलंबन आदेश पर रोक
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-दोबारा संभालेंगे कार्यभार, 13 दिसंबर को किया था निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विकासखंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत कोठी के उप प्रधान ओमप्रकाश के निलंबन आदेश को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने रोक लगा दी है। इस निर्णय के तहत उप प्रधान को तत्काल प्रभाव से अपने पद का कार्यभार दोबारा संभालने के आदेश जारी किए गए हैं।
बता दें कि 13 दिसंबर 2024 को उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर की ओर से उप प्रधान ओमप्रकाश को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के खिलाफ 11 जनवरी 2025 को ओमप्रकाश ने पंचायती राज विभाग में अपील दायर की थी। अपील दायर करने के बाद विभाग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि उन्हें निलंबन से पूर्व कारण बताओ नोटिस और अनुस्मारक (रिमाइंडर) के आधार पर अपनी सफाई देने का अवसर नहीं मिला था। विभागीय जांच में नोटिस की तामील का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि उन्हें उचित सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं किया गया था। इस आधार पर पंचायती राज विभाग ने उप प्रधान ओमप्रकाश के निलंबन पर अगले आदेशों तक रोक लगाते हुए अपील कर्ता को सुनवाई का मौका दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विकासखंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत कोठी के उप प्रधान ओमप्रकाश के निलंबन आदेश को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने रोक लगा दी है। इस निर्णय के तहत उप प्रधान को तत्काल प्रभाव से अपने पद का कार्यभार दोबारा संभालने के आदेश जारी किए गए हैं।
बता दें कि 13 दिसंबर 2024 को उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर की ओर से उप प्रधान ओमप्रकाश को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के खिलाफ 11 जनवरी 2025 को ओमप्रकाश ने पंचायती राज विभाग में अपील दायर की थी। अपील दायर करने के बाद विभाग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि उन्हें निलंबन से पूर्व कारण बताओ नोटिस और अनुस्मारक (रिमाइंडर) के आधार पर अपनी सफाई देने का अवसर नहीं मिला था। विभागीय जांच में नोटिस की तामील का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि उन्हें उचित सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं किया गया था। इस आधार पर पंचायती राज विभाग ने उप प्रधान ओमप्रकाश के निलंबन पर अगले आदेशों तक रोक लगाते हुए अपील कर्ता को सुनवाई का मौका दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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