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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील में तैराकी पर लगाया प्रतिबंध
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- लगातार डूबने की घटनाएं होने के बाद उपायुक्त ने जारी किए आदेश
. पिछले कुछ दिनों दो लोगों की डूबने से हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में तैराकी करने पर सुरक्षा की दृष्टि से रोक लगा दी है। इस संबंध में उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने आदेश जारी किए हैं। आदेश का कोई भी उल्लंघन करते हुए झील में तैराकी करता हुआ पाया जाता है तो उस पर कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए जारी किए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में धराड़सानी जगह पर गणपति विसर्जन में शामिल हुआ एक नाबालिग बच्चा झील में डूब गया था। इसके कुछ दिन बाद उत्तराखंड का एक व्यक्ति झील में डूब गया। व्यक्ति कसौली में एक होम स्टे में काम करता था और साथी कर्मचारियों के साथ बिलासपुर में पिकनिक मनाने आया था। इसी दौरान वह तैराकी करने के लिए झील में उतरा और गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण डूब गया। इसके अलावा हर साल झील में डूबने की घटनाएं दर्ज की जाती रही हैं। बता दें कि बारिश के मौसम में गोबिंद सागर झील का जलस्तर छह माह तक बढ़ा हुआ रहता है। झील के पानी में स्विमिंग करने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। यहां हर दिन युवा तैराकी के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा किरतपुर-नेरचौक फोरलेन से होकर जाने वाले पर्यटकों को भी यह झील आकर्षित करती है। कई पर्यटक भी यहां तैराकी करते हुए देखे जाते हैं। गहराई का अंदाजा न होने के चलते डूबने के घटनाएं हो जाती हैं। बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोबिंद सागर झील या उसके किनारे पर तैरने पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए सख्ती से प्रतिबंधित लगाया गया है।
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. पिछले कुछ दिनों दो लोगों की डूबने से हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में तैराकी करने पर सुरक्षा की दृष्टि से रोक लगा दी है। इस संबंध में उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने आदेश जारी किए हैं। आदेश का कोई भी उल्लंघन करते हुए झील में तैराकी करता हुआ पाया जाता है तो उस पर कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए जारी किए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में धराड़सानी जगह पर गणपति विसर्जन में शामिल हुआ एक नाबालिग बच्चा झील में डूब गया था। इसके कुछ दिन बाद उत्तराखंड का एक व्यक्ति झील में डूब गया। व्यक्ति कसौली में एक होम स्टे में काम करता था और साथी कर्मचारियों के साथ बिलासपुर में पिकनिक मनाने आया था। इसी दौरान वह तैराकी करने के लिए झील में उतरा और गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण डूब गया। इसके अलावा हर साल झील में डूबने की घटनाएं दर्ज की जाती रही हैं। बता दें कि बारिश के मौसम में गोबिंद सागर झील का जलस्तर छह माह तक बढ़ा हुआ रहता है। झील के पानी में स्विमिंग करने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। यहां हर दिन युवा तैराकी के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा किरतपुर-नेरचौक फोरलेन से होकर जाने वाले पर्यटकों को भी यह झील आकर्षित करती है। कई पर्यटक भी यहां तैराकी करते हुए देखे जाते हैं। गहराई का अंदाजा न होने के चलते डूबने के घटनाएं हो जाती हैं। बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोबिंद सागर झील या उसके किनारे पर तैरने पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए सख्ती से प्रतिबंधित लगाया गया है।
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