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Bilaspur News: पज्याल जख मेले की अंतिम संध्या में कलाकारों ने जमाया रंग
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बड़गांव में आयोजित पज्याल जख मेले की अंतिम संध्या में उपस्थित लोग। स्रोत: जागरूक पाठक।
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव में आयोजित पांच दिवसीय पज्याल जख मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या धूमधाम से संपन्न हुई। कार्यक्रम में आचार्य दलीप गौतम और सेवानिवृत्त एएसआई धनी राम ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम पंचायत प्रधान मंगल ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ।
अंतिम सांस्कृतिक संध्या मास्टर किशोर के नाम रही। उन्होंने रोडू जाना मेरी अमिए, दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी और इना बड़ियां जो तुड़का लाना जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नीमो जसवाल, पूजा कुमारी सहित अन्य कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां देकर खूब रंग जमाया।
सेवानिवृत्त एएसआई धनी राम ने कहा कि ऐसे आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर मिलना चाहिए, ताकि बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सके। आचार्य दलीप गौतम ने कहा कि मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम अपनी संस्कृति और सभ्यता से जोड़ने का माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से भगवान का सिमरन करने और अच्छे कार्यों में समय लगाने का आह्वान किया।
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प्रधान मंगल ठाकुर ने कहा कि मेले के आयोजन में पंचायत के साथ ग्रामीणों का भी सहयोग रहा। मेले की शुरुआत गुगा गाथा की मंडलियों की प्रस्तुतियों से हुई। इस अवसर पर मेला समिति अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह सहित समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
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बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव में आयोजित पांच दिवसीय पज्याल जख मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या धूमधाम से संपन्न हुई। कार्यक्रम में आचार्य दलीप गौतम और सेवानिवृत्त एएसआई धनी राम ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम पंचायत प्रधान मंगल ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ।
अंतिम सांस्कृतिक संध्या मास्टर किशोर के नाम रही। उन्होंने रोडू जाना मेरी अमिए, दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी और इना बड़ियां जो तुड़का लाना जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नीमो जसवाल, पूजा कुमारी सहित अन्य कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां देकर खूब रंग जमाया।
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सेवानिवृत्त एएसआई धनी राम ने कहा कि ऐसे आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर मिलना चाहिए, ताकि बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सके। आचार्य दलीप गौतम ने कहा कि मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम अपनी संस्कृति और सभ्यता से जोड़ने का माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से भगवान का सिमरन करने और अच्छे कार्यों में समय लगाने का आह्वान किया।
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प्रधान मंगल ठाकुर ने कहा कि मेले के आयोजन में पंचायत के साथ ग्रामीणों का भी सहयोग रहा। मेले की शुरुआत गुगा गाथा की मंडलियों की प्रस्तुतियों से हुई। इस अवसर पर मेला समिति अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह सहित समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

बड़गांव में आयोजित पज्याल जख मेले की अंतिम संध्या में उपस्थित लोग। स्रोत: जागरूक पाठक।