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सीमेंट उद्योग बंद होने पर प्रदेश हित में नहीं बोले थे अनुराग : सांख्यान
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-अब लोकसभा चुनाव में वोट बटोरने के लिए प्रदेश का बेटा बनकर पहुंच रहे लोगों के बीच
-केंद्रीय मंत्री बताएं, प्रदेश में सरकार बदलने पर किसके इशारे पर अदाणी ने फैक्ट्ररी पर लगाए थे ताले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के तुरंत बाद ही केंद्र की भाजपा सरकार के चहेते उद्योगपति अदाणी ने करीब दो माह तक अंबुजा और एसीसी सीमेंट फैक्ट्ररी पर ताला जड़ दिया था। दोनों जिलों के ट्रक ऑपरेटरों समेत ढाबा संचालकों, मोटर मैकेनिक के परिवारों पर रोजी रोटी का संकट बन गया था। उस समय हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदेश के इन लोगों के हक के लिए कोई आवाज नहीं उठाई। वहीं अब अनुराग ठाकुर चुनावी बेला में प्रदेश का बेटा होने की बात किस मुंह से कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि मंहगाई, बेरोजगारी के साथ नोट बंदी जैसे नायाब तोहफे देने वाली केंद्र सरकार के चहेते अदाणी समूह ने हिमाचल में कांग्रेस की सरकार आते ही ट्रक ऑपरेटरों को जो झटका दिया था, उसे शायद ही बिलासपुर और सोलन जिले के ट्रक ऑपरेटर कभी भूल पाएंगे। अदाणी की तानाशाही के चलते दो महीने तक सीमेंट प्लांट बंद रहने का खामियाजा यहां के लोगों को ही भुगतना पड़ा। बावजूद इसके भाजपा के बड़े दिग्गज दिल्ली में बैठ कर इस घटनाक्रम का आनंद लेते रहे। जब यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पास पहुंची तो उन्होंने समस्या का हल किया। कहा कि इस संवेदनशील मसले पर केंद्रीय खेल मंत्री और हमीरपुर से चार बार के सांसद रहे अनुराग ठाकुर के होंठ सिले रहे। केंद्रीय मंत्री को बताना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही केंद्र सरकार के इशारों पर अदाणी समूह ने फैक्ट्ररी पर ताले जड़े थे। उन्होंने कहा की इस किराये कटौती के चलते करीब दो माह चलने वाली ट्रक मालिकों (ट्रांसपोटर) की इस हड़ताल में एक बयान तक नहीं दे पाए थे, अब केंद्रीय मंत्री किस मुंह से जनसमर्थन की मांग कर रहे हैं। संदीप सांख्यान ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का बरमाणा एक अहम हिस्सा है। ट्रांसपोर्टर यहां का मुख्य व्यवसाय है और बिलासपुर और इसके साथ लगते क्षेत्रों की आर्थिकी इन्ही सीमेंट कारखानों पर निर्भर करती है। केंद्र की भाजपा सरकार इसको चंद घंटों में सुलझा सकती थी, लेकिन इस मसले को भी केंद्रीय मंत्री ने दरकिनार ही कर दिया था। अब जब लोकसभा के चुनाव आ चुके हैं तो ऐसे में वह भाजपा के उम्मीदवार, चार बार के सांसद व केंद्रीय मंत्री को इन ट्रक मालिकों से और अन्य इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों से माकूल जवाब मिलना तय है।
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-केंद्रीय मंत्री बताएं, प्रदेश में सरकार बदलने पर किसके इशारे पर अदाणी ने फैक्ट्ररी पर लगाए थे ताले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के तुरंत बाद ही केंद्र की भाजपा सरकार के चहेते उद्योगपति अदाणी ने करीब दो माह तक अंबुजा और एसीसी सीमेंट फैक्ट्ररी पर ताला जड़ दिया था। दोनों जिलों के ट्रक ऑपरेटरों समेत ढाबा संचालकों, मोटर मैकेनिक के परिवारों पर रोजी रोटी का संकट बन गया था। उस समय हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदेश के इन लोगों के हक के लिए कोई आवाज नहीं उठाई। वहीं अब अनुराग ठाकुर चुनावी बेला में प्रदेश का बेटा होने की बात किस मुंह से कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि मंहगाई, बेरोजगारी के साथ नोट बंदी जैसे नायाब तोहफे देने वाली केंद्र सरकार के चहेते अदाणी समूह ने हिमाचल में कांग्रेस की सरकार आते ही ट्रक ऑपरेटरों को जो झटका दिया था, उसे शायद ही बिलासपुर और सोलन जिले के ट्रक ऑपरेटर कभी भूल पाएंगे। अदाणी की तानाशाही के चलते दो महीने तक सीमेंट प्लांट बंद रहने का खामियाजा यहां के लोगों को ही भुगतना पड़ा। बावजूद इसके भाजपा के बड़े दिग्गज दिल्ली में बैठ कर इस घटनाक्रम का आनंद लेते रहे। जब यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पास पहुंची तो उन्होंने समस्या का हल किया। कहा कि इस संवेदनशील मसले पर केंद्रीय खेल मंत्री और हमीरपुर से चार बार के सांसद रहे अनुराग ठाकुर के होंठ सिले रहे। केंद्रीय मंत्री को बताना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही केंद्र सरकार के इशारों पर अदाणी समूह ने फैक्ट्ररी पर ताले जड़े थे। उन्होंने कहा की इस किराये कटौती के चलते करीब दो माह चलने वाली ट्रक मालिकों (ट्रांसपोटर) की इस हड़ताल में एक बयान तक नहीं दे पाए थे, अब केंद्रीय मंत्री किस मुंह से जनसमर्थन की मांग कर रहे हैं। संदीप सांख्यान ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का बरमाणा एक अहम हिस्सा है। ट्रांसपोर्टर यहां का मुख्य व्यवसाय है और बिलासपुर और इसके साथ लगते क्षेत्रों की आर्थिकी इन्ही सीमेंट कारखानों पर निर्भर करती है। केंद्र की भाजपा सरकार इसको चंद घंटों में सुलझा सकती थी, लेकिन इस मसले को भी केंद्रीय मंत्री ने दरकिनार ही कर दिया था। अब जब लोकसभा के चुनाव आ चुके हैं तो ऐसे में वह भाजपा के उम्मीदवार, चार बार के सांसद व केंद्रीय मंत्री को इन ट्रक मालिकों से और अन्य इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों से माकूल जवाब मिलना तय है।
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