फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Anticipatory bail granted to Panchayat Secretary in date-of-birth fraud case.

Bilaspur News: फोरलेन मुआवजा मामले में एसडीएम सख्त, सात दिन में मांगी रिपोर्ट

Sun, 26 Jul 2026 11:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:03 PM IST
विज्ञापन
Anticipatory bail granted to Panchayat Secretary in date-of-birth fraud case.
परियोजना निदेशक, तहसीलदार, बिजली बोर्ड, जल शक्ति विभाग से मांगा जवाब
विज्ञापन

अधिग्रहित मकानों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
शिकायत समिति के दस्तावेजों पर कार्रवाई, तहसीलदार को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में अधिग्रहित मकानों और मुआवजा आवंटन से जुड़े मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। शिकायत समिति की ओर से प्रस्तुत आवेदन और दस्तावेजों के आधार पर एसडीएम घुमारवीं ने परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी को पत्र जारी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है।
एसडीएम ने पत्र में कहा है कि समिति की ओर से प्रस्तुत सूची और अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सूची में शामिल जिन लोगों की संरचनाएं फोरलेन परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थीं, उन्हें नियमानुसार ध्वस्त किया गया था या नहीं। जांच पूरी कर सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि शिकायतकर्ता समिति तथा भू-अर्जन अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
विज्ञापन

इसके साथ ही एसडीएम ने विद्युत बोर्ड और जल शक्ति विभाग, घुमारवीं के अधिकारियों को अलग-अलग पत्र जारी कर जानकारी मांगी है कि संबंधित अधिग्रहित संरचनाओं के बिजली और पानी के कनेक्शन नियमानुसार काटे गए थे या नहीं। यदि कनेक्शन काटे गए थे तो क्या बाद में उन्हें दोबारा जोड़ा गया अथवा वे कभी काटे ही नहीं गए। दोनों विभागों से इस संबंध में स्पष्ट रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समिति की ओर से मौके पर मौजूद मकानों के फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत शिकायत के आधार पर एसडीएम ने तहसीलदार घुमारवीं को भी निर्देश दिए हैं कि संबंधित स्थलों का मौके पर निरीक्षण कर प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट कार्रवाई रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय तथा शिकायतकर्ता समिति को उपलब्ध कराई जाए।
शिकायत समिति का कहना है कि बीते 13-14 वर्षों में इस मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है। समिति ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के वर्तमान और पूर्व विधायकों से जनहित में चल रही इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया है। समिति का यह भी कहना है कि सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्राप्त हो या नहीं, दोनों ही परिस्थितियों में पूरे घटनाक्रम से उच्च न्यायालय को अवगत कराया जाएगा, जहां इस मामले की सुनवाई लंबित है। समिति के अनुसार, न्यायालय से विद्युत बोर्ड द्वारा 324 अधिग्रहित मकानों के बिजली कनेक्शन काटने संबंधी अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत न करने, उपभोक्ताओं को संरक्षण देने तथा परियोजना निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा।

समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि परियोजना में आम लोगों के कर के पैसे से ऐसे लोगों को भी मुआवजा दिया गया, जिनका सड़क अधिग्रहण से कोई संबंध नहीं था। इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed