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जिला अस्पताल में पिछले 15 दिन से एनेस्थीसिया मशीन खराब, नहीं हो रहे ऑपरेशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में 15 दिन से एनेस्थीसिया की मशीन खराब होने से आपातकालीन समय में होने वाले ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं समेत अन्य गंभीर मामलों में रोजाना दो से तीन मरीज आईजीएमसी या पीजीआई रेफर किए जा रहे हैं। इससे लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।
बिलासपुर की करीब पांच लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया की एक ही मशीन है। वहीं, बैकअप के तौर पर कोई विकल्प नहीं है। अस्पताल में करीब आठ माह बाद सर्जन की नियुक्ति हुई है।
वहीं, ऑर्थो के ऑपरेशन भी शुरू हुए ही थे कि अब मशीन खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गायनी विभाग को झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनुपम शर्मा के पास जिले से ही नहीं, बल्कि बाहरी जिलों से भी महिलाएं बच्चे की डिलीवरी करवाने के लिए आती हैं, लेकिन मशीन खराब होने से सभी महिलाओं को प्रसूति के लिए आईजीएमसी या पीजीआई का रुख करना पड़ रहा है।
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बरसात में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन इन हादसों में अगर कोई गंभीर रूप से घायल हो जाता है और उसे ऑपरेशन की आवश्यकता हो तो भी जिला अस्पताल ये सेवाएं देने में फिलहाल असमर्थ है।
जब तक मशीन ठीक नहीं हो जाती है, तब तक लोगों को इस परेशानी से जूझना पड़ेगा। इस संबंध में एमएस बिलासपुर डॉक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि मशीन खराब होने के तुरंत बाद ही इंजीनियरों को जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन अभी तक मशीन का पुर्जा नहीं मिल रहा है। जैसे ही ठीक होगी ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।
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बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में 15 दिन से एनेस्थीसिया की मशीन खराब होने से आपातकालीन समय में होने वाले ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं समेत अन्य गंभीर मामलों में रोजाना दो से तीन मरीज आईजीएमसी या पीजीआई रेफर किए जा रहे हैं। इससे लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।
बिलासपुर की करीब पांच लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया की एक ही मशीन है। वहीं, बैकअप के तौर पर कोई विकल्प नहीं है। अस्पताल में करीब आठ माह बाद सर्जन की नियुक्ति हुई है।
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वहीं, ऑर्थो के ऑपरेशन भी शुरू हुए ही थे कि अब मशीन खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गायनी विभाग को झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनुपम शर्मा के पास जिले से ही नहीं, बल्कि बाहरी जिलों से भी महिलाएं बच्चे की डिलीवरी करवाने के लिए आती हैं, लेकिन मशीन खराब होने से सभी महिलाओं को प्रसूति के लिए आईजीएमसी या पीजीआई का रुख करना पड़ रहा है।
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बरसात में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन इन हादसों में अगर कोई गंभीर रूप से घायल हो जाता है और उसे ऑपरेशन की आवश्यकता हो तो भी जिला अस्पताल ये सेवाएं देने में फिलहाल असमर्थ है।
जब तक मशीन ठीक नहीं हो जाती है, तब तक लोगों को इस परेशानी से जूझना पड़ेगा। इस संबंध में एमएस बिलासपुर डॉक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि मशीन खराब होने के तुरंत बाद ही इंजीनियरों को जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन अभी तक मशीन का पुर्जा नहीं मिल रहा है। जैसे ही ठीक होगी ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।