{"_id":"638b86eebd56f32dcb7fb1b7","slug":"agricultural-science-center-barthin-ready-awaiting-inauguration-bilaspur-news-sml4297568180","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं 1.18 करोड़ की लागत से हुआ तैयार, उद्घाटन का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं 1.18 करोड़ की लागत से हुआ तैयार, उद्घाटन का इंतजार
विज्ञापन
बिलासपुर के बरठीं में बना कृषि विज्ञान केंद्र का भवन। संवाद
- फोटो : BILASPUR
बरठीं (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं का अपना भवन बनकर तैयार हो गया है, अब इसके उद्घाटन का इंतजार है। इससे पहले कृषि विज्ञान केंद्र का सारा कार्य कृषि अनुसंधान केंद्र के भवन से चल रहा था। कृषि विज्ञान केंद्र का यह नया भवन लगभग 1.18 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
इस दो मंजिला भवन में 100 किसानों के एक साथ बैठने की क्षमता है। भवन में प्रभारी कक्ष, सात डॉक्टर कक्ष, प्रयोगशाला, कांफ्रेंस रूम, अकाउंट कक्ष, किसान मीटिंग हाल का निर्माण किया गया है। जल संचय के लिए शौचालय सेफ्टी टैंक का निर्माण किया गया है।
भवन के साथ ही पार्किंग सुविधा व आकर्षक पार्क का निर्माण किया गया है। उल्लेखनीय है कि कई साल से यह केंद्र कृषि अनुसंधान केंद्र के भवन से काम करता चला आ रहा था। कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को खेती से संबंधित प्रमुख समस्याओं का उपचार, कृषि करने के वैज्ञानिक तरीके, कौन सा बीज सही है और कौन सी तकनीक सर्वश्रेष्ठ है, इसमें तुलनात्मक अध्ययन कर किसानों को अवगत करवाया जाता है।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से कीट और रोगों को नियंत्रित करने, पैदावार को बढ़ाने और महिलाओं के परिश्रम को कम करने, कृषि औजार और नवीनतम प्रौद्योगिकी उपकरणों के उपयोग के बारे में जानकारियां दी जाती हैं। इसके साथ ही विज्ञान केंद्र की ओर से अन्य कई प्रकार की विस्तार गतिविधियों जैसे किसान मेला, प्रक्षेत्र भ्रमण, किसान सेमिनार, कृषि प्रदर्शनी, साहित्य प्रकाशन, मोबाइल से कृषि संबंधी नई तकनीक और वायरस मैसेज आदि द्वारा किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारियां प्रदान कर उनकी कार्य क्षमता और कौशल को बढ़ाने का कार्य भी किया जाता है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सुमन कुमार ने बताया कि भवन बनकर तैयार हो चुका है। भवन को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। आचार संहिता के कारण इस भवन का उद्घाटन नहीं हो पाया है। आचार संहिता के बाद उक्त भवन का विधिवत रूप से उद्घाटन कर दिया जाएगा, जिसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
इस दो मंजिला भवन में 100 किसानों के एक साथ बैठने की क्षमता है। भवन में प्रभारी कक्ष, सात डॉक्टर कक्ष, प्रयोगशाला, कांफ्रेंस रूम, अकाउंट कक्ष, किसान मीटिंग हाल का निर्माण किया गया है। जल संचय के लिए शौचालय सेफ्टी टैंक का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
भवन के साथ ही पार्किंग सुविधा व आकर्षक पार्क का निर्माण किया गया है। उल्लेखनीय है कि कई साल से यह केंद्र कृषि अनुसंधान केंद्र के भवन से काम करता चला आ रहा था। कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को खेती से संबंधित प्रमुख समस्याओं का उपचार, कृषि करने के वैज्ञानिक तरीके, कौन सा बीज सही है और कौन सी तकनीक सर्वश्रेष्ठ है, इसमें तुलनात्मक अध्ययन कर किसानों को अवगत करवाया जाता है।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से कीट और रोगों को नियंत्रित करने, पैदावार को बढ़ाने और महिलाओं के परिश्रम को कम करने, कृषि औजार और नवीनतम प्रौद्योगिकी उपकरणों के उपयोग के बारे में जानकारियां दी जाती हैं। इसके साथ ही विज्ञान केंद्र की ओर से अन्य कई प्रकार की विस्तार गतिविधियों जैसे किसान मेला, प्रक्षेत्र भ्रमण, किसान सेमिनार, कृषि प्रदर्शनी, साहित्य प्रकाशन, मोबाइल से कृषि संबंधी नई तकनीक और वायरस मैसेज आदि द्वारा किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारियां प्रदान कर उनकी कार्य क्षमता और कौशल को बढ़ाने का कार्य भी किया जाता है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सुमन कुमार ने बताया कि भवन बनकर तैयार हो चुका है। भवन को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। आचार संहिता के कारण इस भवन का उद्घाटन नहीं हो पाया है। आचार संहिता के बाद उक्त भवन का विधिवत रूप से उद्घाटन कर दिया जाएगा, जिसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।