घुमारवीं (बिलासपुर)। कृषि कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय घुमारवीं परिसर में किसानों ने रोष प्रदर्शन किया। परिसर में हिमाचल किसान एवं जनकल्याण सभा ने महात्म्मा गांधी की प्रतिमा को माला पहनाकर सभा के प्रदेशाध्यक्ष बृज लाल शर्मा की अध्यक्षता में धरना शुरू किया। किसानों की समस्याओं को लेकर एक मांगपत्र एसडीएम शशिपाल शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। किसान सभा के अध्यक्ष बृज लाल शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते सभी वर्गों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन लोगों ने अपना व्यवसाय चलाने के लिए बैंक से ऋण लिया है उन सभी का जब तक महामारी का प्रकोप है तब तक ऋण पर लगने वाला ब्याज माफ होना चाहिए। किसानों के कृषि, केसीसी ऋण माफ किए जाएं। महामारी के चलते सभी वर्गों के व्यवसाय चौपट हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल का बीमा करवाते हैं। लेकिन जब किसी आपदा और जंगली जानवरों से फसल तबाह होती है तो उन्हें बीमा का कोई लाभ नहीं मिलता है। इसलिए फसल तबाह होती है तो उसका आकलन करवा कर किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों की फसल सुरक्षा के लिए बंदूक लाइसेंस की नवीकरण फीस 1600 रुपये शीघ्र वापस लें, बिजली उपभोक्ताओं से बिजली बिल के नाम पर अतिरिक्त वसूली और बार-बार मीटर चार्ज को रोका जाए, हिमाचल में सीमेंट के दाम को घटाया जाए। इस अवसर पर सभा के प्रदेश महासचिव सीताराम शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम प्रकाश वशिष्ठ, सह सचिव हेमराज शर्मा, सदस्यों में अश्विनी कुमार, धनीराम वर्मा सलाहकार, दलेल सिंह, लेखराम ठाकुर, रघुराम, जगदीश कौशल, संत राम कौंडल सलाहकार, ज्ञान चंद, लौगू राम, नंदलाल, रूपलाल, रूपलाल शर्मा, दौलतराम चंदेल, लेखराम शर्मा, ओम प्रकाश, वेेेेली राम कौंडल, बलदेव राज मौजूद रहे।