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Bilaspur News: अवैध मलबा डंपिंग पर प्रशासन सख्त, छह सदस्यीय समिति गठित

Sat, 01 Aug 2026 11:38 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:38 PM IST
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Administration cracks down on illegal debris dumping; six-member committee formed.
गोबिंद सागर झील को नुकसान की आशंका के बीच अधिकारियों की टीम करेगी मौके का निरीक्षण
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तहसील, खनन, वन, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पीडब्ल्यूडी को सौंपी जिम्मेदारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल सदर क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत तरीके से मलबा डंप करने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए एसडीएम सदर ने छह सदस्यीय विशेष निगरानी समिति का गठन किया है। समिति को अवैध मलबा डंपिंग वाले स्थानों की जांच, मौके का निरीक्षण और नियमों के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसडीएम सदर की ओर से जारी आदेशों के तहत गठित समिति का अध्यक्ष तहसीलदार सदर को बनाया गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, जिला खनन अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, थाना प्रभारी सदर बिलासपुर और लोक निर्माण विभाग मंडल-एक के सहायक अभियंता को समिति का सदस्य बनाया गया है। प्रशासन ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध मलबा डंपिंग वाले स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करे। निरीक्षण के दौरान मौके की स्थिति, सरकारी भूमि या अन्य स्थानों पर किए गए मलबा डंप, नियमों के उल्लंघन और संबंधित जिम्मेदार लोगों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। रिपोर्ट में आवश्यक कार्रवाई के लिए सिफारिशें भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला एक शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब चार महीने पहले क्षेत्र में अवैध रूप से मलबा डंप किए जाने की शिकायत प्रशासन और संबंधित विभागों को दी गई थी, लेकिन अब तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार राजस्व विभाग की जांच में सरकारी भूमि पर मलबा डंप किए जाने की पुष्टि की जा चुकी है। इसके बावजूद मलबा हटाने और मौके पर कार्रवाई की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो डंप किया गया मलबा बारिश के पानी के साथ बहकर गोबिंद सागर झील में समा सकता है। शिकायतकर्ता ने इसे पर्यावरण, मत्स्य संपदा और जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के आधार पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने एक अप्रैल 2026 को मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद बोर्ड की ओर से एसडीएम सदर को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। रिपोर्ट में अवैध मलबा डंपिंग के संबंध में जारी किए गए नोटिस का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि संबंधित पक्ष ने नोटिस प्राप्त करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एसडीएम सदर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सदर को पत्र जारी किया। पत्र में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर नोटिस की तामील के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है। एसडीएम सदर ने तहसीलदार सदर, जिला खनन अधिकारी, वन विभाग, थाना प्रभारी सदर, लोक निर्माण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को स्मरण पत्र जारी कर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध मलबा डंपिंग के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
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