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एसीसी की धमकी, किराया घटाओ वरना बंद करना पड़ेगा कारखाना
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Wed, 25 Nov 2015 06:38 PM IST
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एसीसी सीमेंट कारखाना प्रबंधन ने ट्रक ऑपरेटरों को पत्र जारी करते हुए कारखाना बंद करने की धमकी दी है। बीडीटीएस प्रबंधन कमेटी को पत्र लिखते हुए साफ कहा गया है कि माल ढुलाई का किराया घटाया जाए।
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अन्यथा घाटे में चल रहे कारखाने को बंद करना पड़ेगा। पूर्व कार्यकारिणी ने बिलासपुर में हुई पत्रकार वार्ता में यह दावा किया है। पूर्व कार्यकारिणी ने इस धमकी भरे पत्र के मामले में वर्तमान कार्यकारिणी को भी लपेटा है।
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बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेख राम वर्मा, महासचिव राजपाल गौतम, रोशन ठाकुर, राकेश ठाकुर, राजेश ठाकुर, संजीव चंदेल, गंगा सिंह ठाकुर और प्यारे लाल चौधरी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि वर्तमान बीडीटीएस कार्यकारिणी पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है। 13 महीने से कार्यकारिणी ने महज समय व्यतीत किया है।
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कार्यकारिणी एक तरह से एसीसी के कहने पर चल रही है। लेख राम वर्मा ने कहा कि 13 नवंबर को एसीसीसी ने बीडीटीएस को एक पत्र भेजकर कारखाना बंद करने की धमकी दी है। घाटा होने की झूठी बात कहकर किराया घटाने की तैयारी चल रही है। उनके अनुसार एसीसी 35-45 प्रतिशत तक किराया कम करने की फिराक में है।
फरवरी 2015 से रेट घटाने की यह प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, पिछले छह महीने से बीडीटीएस कार्यकारिणी ने बैठक तक नहीं बुलाई। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि कंपनी के घाटे के झूठे आंकड़ों पर न जाए। उन्होंने कहा कि बीडीटीएस प्रबंधन कंपनी द्वारा भेजे गए पत्र का खुलासा तक नहीं कर रहा।
इस संदर्भ में बैठक क्यों नहीं बुलाई जा रही है। क्या यह एसीसी के साथ मिलीभगत हो रही है या फिर एसीसी तानाशाही कर रही है। उन्होंने कहा कि एसीसी की तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी।
क्या कहती है वर्तमान कार्यकारिणी
वर्तमान बीडीटीएस कार्यकारिणी के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि एसीसी की ओर से पत्र मिला है। एक कॉपी पंजीयक शिमला और एक कॉपी सहायक पंजीयक बिलासपुर को दी गई है। कंपनी किराये में 30 प्रतिशत की कमी चाहती है। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा तैयार किया गया है। जल्द कार्यकारिणी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस सिलसिले में मिलेगी। वहीं, उपायुक्त को भी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। वर्तमान में सप्लाई लगभग 11500 मीट्रिक टन चल रही है।
सिविल सप्लाई बंद, वार्षिक बढ़ोतरी भी लटकी
बिलासपुर। बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेख राम वर्मा ने कहा कि अप्रैल महीने में हर साल ऑपरेटरों को किराया बढ़ोतरी की देय राशि मिलती है। लेकिन, इस साल वह नहीं मिली है। उनके अनुसार यह बढ़ोतरी करीब तीन प्रतिशत होनी थी। प्रदेश में सिविल सप्लाई के तहत जाने वाला सीमेंट बंद है। इससे ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जालंधर, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और लुधियाना को होने वाली सप्लाई में 50 फीसदी से भी अधिक कमी दर्ज हुई है।