फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   A second-hand car purchased for 14 lakhs turned out to be stolen during a police investigation.

Bilaspur News: पुलिस जांच में चोरी की निकली 14 लाख में खरीदी सेकेंड हैंड गाड़ी

Sun, 19 Apr 2026 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 19 Apr 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
A second-hand car purchased for 14 lakhs turned out to be stolen during a police investigation.
तीन नंबर के लिए लीड
विज्ञापन


इंजन-चेसिस नंबर भी फर्जी, शिमला में पुलिस जांच के दौरान खुला राज
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत सदर थाना में मामला दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एक सामान्य सेकेंड हैंड वाहन का सौदा उस समय बड़ी ठगी में बदल गया, जब खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी पुलिस जांच में चोरी की निकली। गाड़ी खरीदने के लिए लाखों रुपये खर्च करने वाले खरीदार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब न केवल वाहन चोरी का पाया गया बल्कि उसके इंजन और चेसिस नंबर भी फर्जी निकले। साथ ही गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) भी नकली पाई गई।
जानकारी के अनुसार अशोक कुमार निवासी घुमारवीं ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को दी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में उसने एक व्यक्ति से एक स्कॉर्पियो कार खरीदने का सौदा 14 लाख रुपये में तय किया। उक्त व्यक्ति बिलासपुर में सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2025 को उसने अपने दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को तीन लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद शेष राशि के लिए बैंक से 11.50 लाख रुपये का वाहन ऋण लिया। उक्त व्यक्ति के कहने पर जनवरी को 10.50 लाख रुपये उसके बताए गए बैंक खाते में जमा करवा दिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब फरवरी में शिमला में पुलिस जांच के दौरान उक्त स्कॉर्पियो चोरी की पाई गई। पुलिस जांच के दौरान जब वाहन के दस्तावेजों और तकनीकी विवरणों की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि उक्त स्कॉर्पियो पहले से ही चोरी की गाड़ी है, जिसकी रिपोर्ट पंजाब के अमृतसर में दर्ज है। इसके अलावा वाहन के इंजन और चेसिस नंबर भी असली नहीं थे, बल्कि उन्हें बदलकर फर्जी तरीके से अंकित किया गया था। गाड़ी की आरसी भी नकली पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि पूरे मामले में सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
विज्ञापन

इस पर कार्रवाई करते हुए थाना सदर बिलासपुर में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपी अकेला इस गिरोह में शामिल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जो चोरी की गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेच रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



इनसेट

बता दें कि बिलासपुर के आरएलए सदर कार्यालय में वाहन पंजीकरण में भी कथित फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यह मामला भी इस फर्जीवाड़े से जुड़ा हो सकता है। जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी की कार्रवाई के बाद जैसे ही बाहरी राज्यों की गाड़ियों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए, वैसे ही कई चौंकाने वाले मामले सामने आने लगे हैं। इस मामले में एक ग्राहक को इस फर्जीवाड़े में दलाल के माध्यम से आरएलए की एनओसी दिखाकर ऐसी गाड़ी बेच दी गई, जिस पर जयपुर के एक बैंक में पहले से 18.50 लाख का लोन था। एसडीएम सदर की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने वर्ष 2025-26 के दौरान आरएलए बिलासपुर में पंजीकृत बाहरी राज्यों की गाड़ियों की जांच की है। नोटिस जारी होने के बाद कई ऐसे मामले सामने आने लगे हैं जिनमें लोगों ने सेकेंड हैंड गाड़ियां खरीदते समय दलालों और एजेंटों के झांसे में आकर लाखों रुपये खर्च कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed