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Bilaspur News: लापरवाही की भेंट चढ़ी सुन्हाणी खड्ड किनारे बनी लाखों की पेयजल योजना

Wed, 17 Dec 2025 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 17 Dec 2025 11:26 PM IST
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A drinking water scheme worth lakhs built on the banks of Sunhani Khad fell victim to negligence.
सुन्हाणी खड्ड के किनारे पर बनाई गई पेयजल योजना,जो अब बंद है। संवाद
चार साल पहले बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई योजना देख रही मरम्मत की राह
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बजट के अभाव में योजना का ढांचा खड्ड में हो रहा है बर्बाद
ग्राम पंचायत बड़गांव के टिहरा गांव को होती थी पेयजल सप्लाई

मंगल ठाकुर
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता के तहत जल शक्ति विभाग और सरकार की अनदेखी के कारण लाखों रुपये की लागत से बनी पेयजल योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। सीर खड्ड में चार साल पहले आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई यह योजना आज तक मरम्मत की राह देख रही है। बजट के अभाव में योजना का ढांचा खड्ड में बर्बाद हो रहा है, जिससे सरकारी धन की भी जमकर बर्बादी हो रही है।
गौरतलब है कि जल शक्ति विभाग ने ग्राम पंचायत बड़गांव के टिहरा गांव में पेयजल संकट को दूर करने के लिए सुन्हाणी खड्ड के किनारे लाखों रुपये खर्च कर इस योजना का निर्माण किया था। लेकिन चार साल पहले खड्ड में आई भीषण बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। योजना के बचाव के लिए लगाई गई सुरक्षा दीवार ढह गई और टैंक में खड्ड का गंदा पानी व मिट्टी भर गई। पानी दूषित होने के कारण ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद विभाग ने सप्लाई बंद कर दी थी। एक तरफ सरकार हर घर नल, हर घर जल का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुन्हाणी-टीहरा योजना विभाग के सुस्त रवैये के कारण दम तोड़ रही है। चार वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और विभाग की ओर से इस योजना को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द योजना की मरम्मत नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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कोट
योजना के क्षतिग्रस्त होने के बाद सप्लाई बंद कर दी गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर खड्ड में एक गैलरी बनाई गई है, जिससे ग्रामीणों को पानी दिया जा रहा है। पुरानी योजना की मरम्मत के लिए अभी बजट का प्रावधान नहीं हुआ है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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सतीश शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग झंडूता। संवाद
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