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Bilaspur News: पंचायत पुनर्गठन को लेकर उपायुक्त से मिला ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल
Sat, 27 Dec 2025 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:02 PM IST
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बाड़नू गांव को सुई-सुरहाड़ पंचायत में शामिल करने पर 150 परिवारों की सहमति
कुछ व्यक्तियों के विरोध को बताया निराधार, प्रशासन से अधिसूचना लागू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंचायत पुनर्गठन के तहत ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित किए जाने के निर्णय को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम बाड़नू के ग्रामीणों सहित ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के अधिकांश परिवार इस पुनर्गठन के पक्ष में हैं और कुछ गिने-चुने लोगों की ओर से किया जा रहा विरोध जनभावनाओं के विपरीत है।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान सुई सुराहड़ कांता, पूर्व बीडीसी चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, पूर्व उप प्रधान अमर ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना में 18 दिसंबर 2025 को पंचायत पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना जारी की गई है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है। इस अधिसूचना का बाड़नू और ग्राम सभा सुई-सुरहाड़ के ग्रामीणों ने स्वागत किया है। बताया कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि दोनों संबंधित ग्राम पंचायतों ने विधिवत प्रस्ताव पारित कर सहमति दी है। ग्राम सभा बाड़नू दिगथली ने 28 नवंबर 2024 को प्रस्ताव संख्या चार के माध्यम से गांव बाड़नू को सुई-सुरहाड़ पंचायत में सम्मिलित करने की सहमति प्रदान की थी। इसी तरह ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ ने भी 24 अक्तूबर 2025 को प्रस्ताव संख्या पांच के तहत गांव बाड़नू को अपने पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था।
ग्रामीणों ने भौगोलिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव बाड़नू, वर्तमान ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के मुख्यालय से सड़क एवं पैदल मार्ग से लगभग 5.5 किलोमीटर दूर स्थित है। इससे ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर गांव, ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ से पैदल मार्ग द्वारा मात्र 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे पंचायत सेवाओं, विकास कार्यों तथा प्रशासनिक संपर्क में आसानी होगी। ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के 150 परिवारों ने हस्ताक्षरों सहित लिखित रूप में इस पुनर्गठन के पक्ष में अपनी सहमति दी है। इन सहमति पत्रों की प्रतियां उपायुक्त कार्यालय को सौंप दी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्गठन से विकास कार्यों में तेजी आएगी और पंचायत स्तर पर योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
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इनसेट
सीमित लोगों के विरोध पर जताई आपत्ति
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के गांव सुई के कुछ सीमित लोग (लगभग 46 व्यक्ति) इस अधिसूचना का अनावश्यक विरोध कर रहे हैं और उन्होंने इस संबंध में आपत्ति पत्र भी प्रशासन को भेजा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यह विरोध न तो ग्राम सभा के प्रस्ताव पर आधारित है और न ही बहुसंख्यक ग्रामीणों की राय को दर्शाता है।
इनसेट
प्रशासन से अधिसूचना यथावत लागू करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से आग्रह किया कि जन भावनाओं, भौगोलिक परिस्थितियों, दोनों ग्राम सभाओं की सहमति को ध्यान में रखते हुए पंचायत पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना को यथावत लागू किया जाए और गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित किया जाए।
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कुछ व्यक्तियों के विरोध को बताया निराधार, प्रशासन से अधिसूचना लागू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंचायत पुनर्गठन के तहत ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित किए जाने के निर्णय को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम बाड़नू के ग्रामीणों सहित ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के अधिकांश परिवार इस पुनर्गठन के पक्ष में हैं और कुछ गिने-चुने लोगों की ओर से किया जा रहा विरोध जनभावनाओं के विपरीत है।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान सुई सुराहड़ कांता, पूर्व बीडीसी चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, पूर्व उप प्रधान अमर ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना में 18 दिसंबर 2025 को पंचायत पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना जारी की गई है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है। इस अधिसूचना का बाड़नू और ग्राम सभा सुई-सुरहाड़ के ग्रामीणों ने स्वागत किया है। बताया कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि दोनों संबंधित ग्राम पंचायतों ने विधिवत प्रस्ताव पारित कर सहमति दी है। ग्राम सभा बाड़नू दिगथली ने 28 नवंबर 2024 को प्रस्ताव संख्या चार के माध्यम से गांव बाड़नू को सुई-सुरहाड़ पंचायत में सम्मिलित करने की सहमति प्रदान की थी। इसी तरह ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ ने भी 24 अक्तूबर 2025 को प्रस्ताव संख्या पांच के तहत गांव बाड़नू को अपने पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था।
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ग्रामीणों ने भौगोलिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव बाड़नू, वर्तमान ग्राम पंचायत बाड़नू दिगथली के मुख्यालय से सड़क एवं पैदल मार्ग से लगभग 5.5 किलोमीटर दूर स्थित है। इससे ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर गांव, ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ से पैदल मार्ग द्वारा मात्र 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे पंचायत सेवाओं, विकास कार्यों तथा प्रशासनिक संपर्क में आसानी होगी। ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के 150 परिवारों ने हस्ताक्षरों सहित लिखित रूप में इस पुनर्गठन के पक्ष में अपनी सहमति दी है। इन सहमति पत्रों की प्रतियां उपायुक्त कार्यालय को सौंप दी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्गठन से विकास कार्यों में तेजी आएगी और पंचायत स्तर पर योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
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सीमित लोगों के विरोध पर जताई आपत्ति
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ के गांव सुई के कुछ सीमित लोग (लगभग 46 व्यक्ति) इस अधिसूचना का अनावश्यक विरोध कर रहे हैं और उन्होंने इस संबंध में आपत्ति पत्र भी प्रशासन को भेजा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यह विरोध न तो ग्राम सभा के प्रस्ताव पर आधारित है और न ही बहुसंख्यक ग्रामीणों की राय को दर्शाता है।
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प्रशासन से अधिसूचना यथावत लागू करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से आग्रह किया कि जन भावनाओं, भौगोलिक परिस्थितियों, दोनों ग्राम सभाओं की सहमति को ध्यान में रखते हुए पंचायत पुनर्गठन संबंधी अधिसूचना को यथावत लागू किया जाए और गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में सम्मिलित किया जाए।