Bilaspur News: टॉप थ्री में बिलासपुर की एक बेटी, मेरिट सूची में 12 विद्यार्थी
पूर्णिमा शर्मा ने 99.71 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश भर में दूसरा स्थान किया प्राप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी 10वीं कक्षा की मेरिट सूची में बिलासपुर के कुल 12 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इनमें आठ लड़कियां और चार लड़के शामिल हैं। मेरिट में आने वाले नौ बच्चे निजी स्कूलों से हैं और तीन बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं।
बोर्ड की ओर से जारी की गई सूची में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला बिलासपुर की पूर्णिमा शर्मा ने 99.71 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलवा राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं के अभिमन्यु पटियाल, हिम सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं की हर्षिता ने 99.29 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में पांचवां स्थान हासिल किया है। हिम सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं की काव्या ने 99 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश भर में सातवां स्थान हासिल किया है। मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं के आरव शर्मा, इसी स्कूल के आयुष शर्मा, राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की रिधिमा ठाकुर ने 98.86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में आठवां स्थान हासिल किया है। राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की जैसमीन, मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं के हर्षित चड्ढा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की नविता शर्मा, ग्लोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर की प्रांशी गुप्ता ने 98.71 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में नौवां स्थान हासिल किया है। राजकीय उच्च पाठशाला मंलागण की मनीषा शर्मा ने 98.75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में दसवां स्थान हासिल किया है।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना पूर्णिमा शर्मा का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में दूसरा स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला बिलासपुर की पूर्णिमा शर्मा ने सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और रोजाना किए गए रिवीजन को दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी तैयारी का सबसे बड़ा आधार स्कूल में ध्यानपूर्वक पढ़ाई सुनना रहा। उनका सपना आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। पूर्णिमा के पिता जोगिंदर पाल बिलासपुर में वन विभाग से जुड़े वित्त शाखा में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता मंजू कुमारी गृहिणी हैं।
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अभिमन्यु बनना चाहते कंप्यूटर साइंस इंजीनियर
बोर्ड की मेरिट सूची में पांचवां स्थान हासिल करने वाले राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं के अभिमन्यु पटियाल ने सफलता का श्रेय माता-पिता, कठिन परिश्रम, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। लक्ष्य बड़े होकर कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने का है। अभिमन्यु के पिता पबिंदर सिंह पटियाल और माता सपना देवी हैं।
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घुमारवीं की हर्षिता बनेगी इंजीनियर
बोर्ड की मेरिट सूची में पांचवां स्थान हासिल करने वाली हिम सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं की हर्षिता ने सफलता का श्रेय माता-पिता और अभिभावकों को दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाद उसने पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। पिता जीवन कुमार मास्टर शिल्पकार हैं। माता मंजना गृहिणी हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश सेवा करना काव्या का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में सातवां स्थान हासिल करने वाली हिम सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं की काव्या ने सफलता का श्रेय माता-पिता, प्रधानाचार्य और अभिभावकों को दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित पढ़ाई और परिवार के सहयोग से ही वह यह मुकाम हासिल कर पाई हैं। रोजाना स्कूल के बाद चार से पांच घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। पिता सोहणु राम व्यवसायी हैं। माता डिंपल गृहिणी हैं।
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डॉक्टर बनेगा बनने का सपना है आरव का
बोर्ड की मेरिट सूची में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के आरव शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल में नियमित पढ़ाई के अलावा रोजाना चार से पांच घंटे अतिरिक्त अध्ययन किया। आरव का सपना बड़े होकर डॉक्टर बनने का है। आरव के पिता राजेश कुमार टीजीटी अध्यापक हैं, जबकि माता कंचना स्टाफ नर्स हैं।
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इंजीनियर बनना आयुष शर्मा का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के आयुष शर्मा ने सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया। आयुष ने बताया कि स्कूल में नियमित पढ़ाई के अलावा रोजाना चार से पांच घंटे अतिरिक्त अध्ययन किया है। लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। पिता सोनू कुमार बैंक कर्मी हैं, जबकि माता सोनिका गृहिणी हैं।
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हृदय रोग विशेषज्ञ बनकर सेवा करना चाहती हैं रिधिमा
बोर्ड की मेरिट सूची में आठवां स्थान हासिल करने वाली राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की रिधिमा ठाकुर ने सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ बनने का है। पिता अनिल कुमार निजी कंपनी में कार्यरत हैं। माता सुषमा ठाकुर शिक्षिका हैं।
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न्यूरोलॉजिस्ट बनेगी जैस्मिन
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राधा कृष्णा पब्लिक स्कूल घंडालवीं की जैस्मिन ने सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और अपने सीनियर को दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना स्कूल के बाद छह घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य नीट की परीक्षा पास कर न्यूरोलॉजिस्ट बनने का है। पिता प्रदीप कुमार एक निजी कंपनी में एचआर हैं। माता प्रमिला देवी गृहिणी हैं।
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हर्षित बनेगा इंजीनियर
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान प्राप्त करने वाले मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हर्षित चड्ढा ने सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल में नियमित पढ़ाई के अलावा रोजाना चार से पांच घंटे अतिरिक्त अध्ययन किया। लक्ष्य बड़े होकर इंजीनियर बनने का है। पिता पुनीत चड्डा वेटरनरी फार्मासिस्ट हैं, जबकि माता सुनैना गृहिणी हैं।
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इंजीनियर बनना नविता का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की नविता शर्मा ने सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन हर्षिता, अभिभावकों और शिक्षकों को दिया हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना स्कूल के बाद तीन घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। पिता प्रद्युमन कुमार लोक निर्माण विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। माता अंजना कुमारी गृहिणी हैं।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना प्रांशी गुप्ता का सपना
बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली ग्लोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर की प्रांशी गुप्ता ने सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई वंश गुप्ता, अभिभावकों और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाद प्रतिदिन छह से आठ घंटे पढ़ाई की है। लक्ष्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। पिता हेमंत गुप्ता बैंक प्रबंधक हैं। जबकि माता मीनू गुप्ता ट्यूशन टीचर हैं।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेगी मनीषा शर्मा
बोर्ड की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय उच्च पाठशाला मलांगण की मनीषा शर्मा ने सफलता का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में पूरे ध्यान और मेहनत से पढ़ाई करती थी और घर जाने के बाद प्रतिदिन करीब पांच घंटे पढ़ाई करती थी। नियमित पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें इस सफलता तक पहुंचाया। लक्ष्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। पिता राकेश कुमार एक निजी कंपनी में एचआर हैं। जबकि माता बबीता कुमारी ब्यूटी पार्लर का काम करती हैं।

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न

बोर्ड की मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की न