{"_id":"24958","slug":"Bilaspur-24958-135","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिड डे मील कर्मचारियों ने मांगी स्थायी नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिड डे मील कर्मचारियों ने मांगी स्थायी नीति
Bilaspur
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बम्म (बिलासपुर)। राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन ने सरकार से मांग की है कि मिड डे मील कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से स्थायी नीति बनाई जाए।
राज्य स्तरी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चरचा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान तारा शर्मा ने की। इसमें संगठन के मुख्य सलाहकार भगत सिंह वर्मा, राज्य प्रधान अमर सिंह चंदेल, लक्ष्मण सिंह ठाकुर ने विशेष रूप से शिरकत की।
बैठक में प्रदेश प्रदेश प्रधान अमर सिंह चंदेल ने कहा कि यदि सरकार की ओर से मिड डे मील कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया गया तो उन्हें संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। सरकार की ओर से मिड डे मील कार्यकर्ताओं को कम से कम 4500 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। मिड डे मील कर्मचारियों के लिए 10 दिन का वैकल्पिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश व 10 छुट्टियां दी जानी चाहिए। अंशकालीन जलवाहकों को दैनिक भोगी न बनाए। इसके अलावा कई मांगें बैठक में उठाई गईं। बैठक में मिड डे मील यूनियन की जिला प्रधान मीरा जसवाल, तृप्ता गुलेरिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य स्तरी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चरचा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान तारा शर्मा ने की। इसमें संगठन के मुख्य सलाहकार भगत सिंह वर्मा, राज्य प्रधान अमर सिंह चंदेल, लक्ष्मण सिंह ठाकुर ने विशेष रूप से शिरकत की।
विज्ञापन
बैठक में प्रदेश प्रदेश प्रधान अमर सिंह चंदेल ने कहा कि यदि सरकार की ओर से मिड डे मील कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया गया तो उन्हें संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। सरकार की ओर से मिड डे मील कार्यकर्ताओं को कम से कम 4500 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। मिड डे मील कर्मचारियों के लिए 10 दिन का वैकल्पिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश व 10 छुट्टियां दी जानी चाहिए। अंशकालीन जलवाहकों को दैनिक भोगी न बनाए। इसके अलावा कई मांगें बैठक में उठाई गईं। बैठक में मिड डे मील यूनियन की जिला प्रधान मीरा जसवाल, तृप्ता गुलेरिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन