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Bilaspur News: निरक्षरों को साक्षर करने के लिए 96 अध्यापकों को दिया प्रशिक्षण
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- स्वारघाट में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नवभारत साक्षरता अभियान के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वारघाट में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 96 स्वयंसेवी शिक्षकों को निरक्षरों को साक्षर करने का प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का शुभारंभ स्वारघाट खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र चौहान ने किया। जिला नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि शिविर में 15 साल से अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को आधारभूत संख्या ज्ञान एवं साक्षरता प्रदान करने के तरीके बताए गए। निरक्षर वयस्कों को महत्वपूर्ण जीवन कौशलों जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी साक्षरता को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बताया कि इस कार्यक्रम को सरकार की ओर से उल्लास नामकरण से प्रचारित किया जा रहा है। उल्लास अर्थात समाज में सभी के लिए जीवन पर्यंत सीखने की समझ। उल्लास के माध्यम से निरक्षर लोगों के जीवन में शिक्षा का उजाला करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर स्वयंसेवी अध्यापकों के साथ मास्टर ट्रेनर यशवंत सिंह ने अपने विचार साझा किए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नवभारत साक्षरता अभियान के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वारघाट में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 96 स्वयंसेवी शिक्षकों को निरक्षरों को साक्षर करने का प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का शुभारंभ स्वारघाट खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र चौहान ने किया। जिला नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि शिविर में 15 साल से अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को आधारभूत संख्या ज्ञान एवं साक्षरता प्रदान करने के तरीके बताए गए। निरक्षर वयस्कों को महत्वपूर्ण जीवन कौशलों जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी साक्षरता को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बताया कि इस कार्यक्रम को सरकार की ओर से उल्लास नामकरण से प्रचारित किया जा रहा है। उल्लास अर्थात समाज में सभी के लिए जीवन पर्यंत सीखने की समझ। उल्लास के माध्यम से निरक्षर लोगों के जीवन में शिक्षा का उजाला करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर स्वयंसेवी अध्यापकों के साथ मास्टर ट्रेनर यशवंत सिंह ने अपने विचार साझा किए।
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