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बरसात में खराब हुईं सड़कें अभी तक नहीं सुधरी
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने शिमला-हमीरपुर-मटौर नेशनल हाईवे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हाईवे का खारसी के पास सड़क की हालत बहुत दयनीय है। इस कार्य को करने के लिए प्रदेश सरकार की कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस नेशनल हाईवे की दूरी तकरीबन 224 किमी है लेकिन हाईवे की हालत दयनीय बनी हुई है।
रामलाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से राजघाट-शालाघाट सड़क को सही करवाने की भी मांग उठाई थी। उनका कहना है कि यह मार्ग राजधानी मेें जाकर मिलता है। इसके चलते यहां पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा है लेकिन सरकार की ओर से इस सड़क को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंनेे कहा कि इस नेशनल हाईवे के लिए प्रदेश में 119 सरकारी अधिकारी समेत कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनमें 5 एसडीओ, 20 जेई, 19 सुपरवाइजर और 75 बेलदार हैं लेकिन इसके बाद भी हाईवे की हालत खराब है। बरसात के मौसम के बाद से खारसी के पास सड़क सारी खराब पड़ी हुई है लेकिन अभी तक भी यहां पर सड़कों को सही नहीं किया गया है।
रामलाल ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिला में पूरी तरह से स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं। प्रदेश सरकार सिर्फ मंडी और कांगड़ा में चिकित्सकों को भर रही है क्योंकि मंडी क्षेत्र मुख्यमंत्री का गृह जिला है तो वहीं कांगड़ा स्वास्थ्य मंत्री का। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में सबसे ज्यादा चिकित्सकों का टोटा है। जुखाला में कोई भी चिकित्सक नहीं है। डेपुटेशन पर सप्ताह में एक या दो दिन चिकित्सक को बुलाया जा रहा है। इस मौके पर जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान मौजूद रहे।
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बिलासपुर। श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने शिमला-हमीरपुर-मटौर नेशनल हाईवे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हाईवे का खारसी के पास सड़क की हालत बहुत दयनीय है। इस कार्य को करने के लिए प्रदेश सरकार की कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस नेशनल हाईवे की दूरी तकरीबन 224 किमी है लेकिन हाईवे की हालत दयनीय बनी हुई है।
रामलाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से राजघाट-शालाघाट सड़क को सही करवाने की भी मांग उठाई थी। उनका कहना है कि यह मार्ग राजधानी मेें जाकर मिलता है। इसके चलते यहां पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा है लेकिन सरकार की ओर से इस सड़क को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंनेे कहा कि इस नेशनल हाईवे के लिए प्रदेश में 119 सरकारी अधिकारी समेत कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनमें 5 एसडीओ, 20 जेई, 19 सुपरवाइजर और 75 बेलदार हैं लेकिन इसके बाद भी हाईवे की हालत खराब है। बरसात के मौसम के बाद से खारसी के पास सड़क सारी खराब पड़ी हुई है लेकिन अभी तक भी यहां पर सड़कों को सही नहीं किया गया है।
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रामलाल ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिला में पूरी तरह से स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं। प्रदेश सरकार सिर्फ मंडी और कांगड़ा में चिकित्सकों को भर रही है क्योंकि मंडी क्षेत्र मुख्यमंत्री का गृह जिला है तो वहीं कांगड़ा स्वास्थ्य मंत्री का। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में सबसे ज्यादा चिकित्सकों का टोटा है। जुखाला में कोई भी चिकित्सक नहीं है। डेपुटेशन पर सप्ताह में एक या दो दिन चिकित्सक को बुलाया जा रहा है। इस मौके पर जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान मौजूद रहे।
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