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कंपनी ने बिना बाहर निकाले सोलर प्लांट से 2
Updated Sun, 01 Jul 2018 10:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्री नयना देवी (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा नयना देवी के गांव डोल बैहरड़ा में लगाए जा रहे सोलर प्लांट के तहत पांच मेगावाट की परियोजना से 28 मजदूरों को निकाले जाने से सोलर परियोजना यूनियन ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। यूनियन का कहना है कि अगर जल्द ही काम पर निकाले गए मजदूरों को नहीं रखा गया तो लोग संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेंगे।
यूनियन के प्रधान गोपाल ने बताया कि सोलर परियोजना डोल बैहरड़ा कंपनी में स्थानीय मजदूर जोकि परियोजना में कार्य कर रहे थे बीएचईएल कंपनी ने बिना किसी कारण के मजदूरों को 26 जून को काम से निकाल दिया है और बाहर से आए मजदूरों को काम दिया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड जो पांच मेगावाट की परियोजना है। इसमें सोलर से बिजली पैदा की जाएगी और परियोजना के लिए गांव डोल बैहरड़ा तहसील नयना देवी की जमीन अधिकृत की गई है। परियोजना में 70 प्रतिशत मजदूर स्थानीय रखे जाने और जरूरत पर 30 प्रतिशत मजदूर बाहर से रखे जाने की व्यवस्था की गई है। परियोजना में स्थानीय 28 मजदूर काम पर लगे थे, उन्हें निकाल दिया है, उनकी जगह बाहर के मजदूर काम कर रहे हैं।
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गोपाल का कहना है कि स्थानीय लोग काम की मांग को लेकर लगातार धरने पर है और सरकार प्रशासन और स्थानीय प्रबंधकों को भी लिखित रूप में सूचित कर चुके हैं। मजदूरों ने मांग की है कि लोगों को काम दिलाया जाए। अगर मजदूरों को जल्द काम पर नहीं रखा गया तो मजदूर व स्थानीय जनता को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन, पावन कॉर्पोरेशन व प्रबंधन की होगी।
कंपनी कार्यालय के बाहर धरने पर यूनियन के प्रधान गोपाल, जीत राम, तारा सिंह, चेत राम, बादल कुमार, दलविंद्र सिंह, अमरू कुमार, प्रेमनाथ, भाग सिंह, सुरेश चौधरी सहित अन्य मजदूर बैठे हुए हैं।
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श्री नयना देवी (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा नयना देवी के गांव डोल बैहरड़ा में लगाए जा रहे सोलर प्लांट के तहत पांच मेगावाट की परियोजना से 28 मजदूरों को निकाले जाने से सोलर परियोजना यूनियन ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। यूनियन का कहना है कि अगर जल्द ही काम पर निकाले गए मजदूरों को नहीं रखा गया तो लोग संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेंगे।
यूनियन के प्रधान गोपाल ने बताया कि सोलर परियोजना डोल बैहरड़ा कंपनी में स्थानीय मजदूर जोकि परियोजना में कार्य कर रहे थे बीएचईएल कंपनी ने बिना किसी कारण के मजदूरों को 26 जून को काम से निकाल दिया है और बाहर से आए मजदूरों को काम दिया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड जो पांच मेगावाट की परियोजना है। इसमें सोलर से बिजली पैदा की जाएगी और परियोजना के लिए गांव डोल बैहरड़ा तहसील नयना देवी की जमीन अधिकृत की गई है। परियोजना में 70 प्रतिशत मजदूर स्थानीय रखे जाने और जरूरत पर 30 प्रतिशत मजदूर बाहर से रखे जाने की व्यवस्था की गई है। परियोजना में स्थानीय 28 मजदूर काम पर लगे थे, उन्हें निकाल दिया है, उनकी जगह बाहर के मजदूर काम कर रहे हैं।
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गोपाल का कहना है कि स्थानीय लोग काम की मांग को लेकर लगातार धरने पर है और सरकार प्रशासन और स्थानीय प्रबंधकों को भी लिखित रूप में सूचित कर चुके हैं। मजदूरों ने मांग की है कि लोगों को काम दिलाया जाए। अगर मजदूरों को जल्द काम पर नहीं रखा गया तो मजदूर व स्थानीय जनता को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन, पावन कॉर्पोरेशन व प्रबंधन की होगी।
कंपनी कार्यालय के बाहर धरने पर यूनियन के प्रधान गोपाल, जीत राम, तारा सिंह, चेत राम, बादल कुमार, दलविंद्र सिंह, अमरू कुमार, प्रेमनाथ, भाग सिंह, सुरेश चौधरी सहित अन्य मजदूर बैठे हुए हैं।