{"_id":"5a71c6e24f1c1b462c8b53ef","slug":"91517405922-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंड में नहीं मिल रहे है एंटी रैबीज के इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंड में नहीं मिल रहे है एंटी रैबीज के इंजेक्शन
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:27 PM IST
विज्ञापन
इंजेक्शन
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
स्वारघाट (बिलासपुर)।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंड में दो माह से मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण लोगों को जरूरत पड़ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामशहर और एफआरयू नालागढ़ भेजा जा रहा है। इससे लोगों को मजबूरी में 10 से 40 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
नंड की 50 साल की फूला देवी ने बताया कि उसे कुत्ते ने काट लिया था। सोमवार को वह पीएचसी नंड में गईं। लेकिन इंजेक्शन न होने के कारण उसे नालागढ़, रामशहर या फिर स्वारघाट जाने को कहा गया।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि कुत्ते और बंदर के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगती है। अगर पागल कुत्ता काटे तो इसका असर तीन दिन, तीन सप्ताह, तीन महीने और तीन साल बाद भी हो सकता है। इसको देखते हुए तत्काल इंजेक्शल लगाने आवश्यक होते हैं। क्षेत्र में ऐसे भी आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक है। इस कारण आए दिन इनका कोई न कोई शिकार होता रहता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी हंस राज, चतुर सिंह गांव लुनस, रानी देवी और कल्पना गांव कपोली, कांशी राम 68 वर्षीय गांव जगनी, सौरभ और सदा राम गांव नंड ने बताया कि कुत्ते के काटने पर उन्हें मजबूरी में बाजार से महंगे दाम पर इंजेक्शन खरीद कर लगाने पड़े थे।
इस बारे में एफआरयू नालागढ़ के बीएमओ डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि इस संबंध में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन अगर उस अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी होगी तो वहां जल्द भेज दिए जाएंगे।