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सैलानियों के लिए एनएच किनारे बनाए शौचालय
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:06 PM IST
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- फोटो : amarujala
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बिलासपुर। हिमाचल आने वाले बाहरी राज्यों के सैलानियों को अब नेशनल हाईवे किनारे खुले में शौच करने पर शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा। प्रशासन ने गरामौड़ा से लेकर जामली तक चिह्नित जगहों पर 15 शौचालय बनाए हैं। जहां पर आम जनता के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। इन शौचालयों का निर्माण लोक निर्माण विभाग कर रहा है। एक शौचालय को बनाने के लिए दो लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
हर साल गर्मियों व सर्दियों के मौसम में लाखों की संख्या में सैलानी बिलासपुर से होकर मनाली, रोहतांग, मणिकर्ण सहित अन्य पर्यटक स्थलों का भ्रमण करने के लिए निकलते हैं। ऐसे में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे किनारे शौचालयों के न होने से सैलानियों सहित आम जनता को खुले में ही शौच जाना पड़ता है। बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है।
सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है। जबकि स्वारघाट में बसों के रुकने का स्टॉप होने के चलते यहां शौचालय की बेहद जरूरत थी। इसके चलते उपायुक्त बिलासपुर ने लोनिवि को शौचालय बनाने के लिए फंड जारी किया। प्रशासन ने जगह चयनित कर विभाग को वहां शौचालय बनाने को कहा। इसके बाद विभाग ने एक दर्जन के करीब स्थानों पर शौचालय बना दिए हैं। अब इन सभी शौचालयों को बिजली व पानी का कनेक्शन दिया जाना बाकी है। ताकि शौचालयों को चालू किया जा सके। शौचालयों को लोनिवि संबंधित पंचायतों को सौंप देगा। इसके बाद इनके रखरखाव से लेकर सफाई का जिम्मा पंचायत का होगा।
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चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित गलुआ, स्वारघाट, ज्योरीपत्तन, कल्लर, बनैर, शिवमंदिर, जामली गंभर पुल सहित अन्य जगहों पर लोनिवि ने शौचालय बना दिए हैं। जबकि छड़ोल व पंजपीरी में स्थानीय लोग शौचालय नहीं बनने दे रहे हैं। इससे इन शौचालयों का पैसा जल्द ही वापस हो जाएगा।
लोनिवि डिवीजन-दो के एक्सईएन एसके शर्मा का कहना है कि उपायुक्त बिलासपुर की ओर से मिले फंड से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे किनारे शौचालय बनाए जा रहे हैं। करीब सभी शौचालय तैयार हो गए हैं। लेकिन दो पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जाहिर कर निर्माण कार्य रोक दिया है। इससे परेशानी आ रही है।
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हर साल गर्मियों व सर्दियों के मौसम में लाखों की संख्या में सैलानी बिलासपुर से होकर मनाली, रोहतांग, मणिकर्ण सहित अन्य पर्यटक स्थलों का भ्रमण करने के लिए निकलते हैं। ऐसे में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे किनारे शौचालयों के न होने से सैलानियों सहित आम जनता को खुले में ही शौच जाना पड़ता है। बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है। जबकि स्वारघाट में बसों के रुकने का स्टॉप होने के चलते यहां शौचालय की बेहद जरूरत थी। इसके चलते उपायुक्त बिलासपुर ने लोनिवि को शौचालय बनाने के लिए फंड जारी किया। प्रशासन ने जगह चयनित कर विभाग को वहां शौचालय बनाने को कहा। इसके बाद विभाग ने एक दर्जन के करीब स्थानों पर शौचालय बना दिए हैं। अब इन सभी शौचालयों को बिजली व पानी का कनेक्शन दिया जाना बाकी है। ताकि शौचालयों को चालू किया जा सके। शौचालयों को लोनिवि संबंधित पंचायतों को सौंप देगा। इसके बाद इनके रखरखाव से लेकर सफाई का जिम्मा पंचायत का होगा।
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चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित गलुआ, स्वारघाट, ज्योरीपत्तन, कल्लर, बनैर, शिवमंदिर, जामली गंभर पुल सहित अन्य जगहों पर लोनिवि ने शौचालय बना दिए हैं। जबकि छड़ोल व पंजपीरी में स्थानीय लोग शौचालय नहीं बनने दे रहे हैं। इससे इन शौचालयों का पैसा जल्द ही वापस हो जाएगा।
लोनिवि डिवीजन-दो के एक्सईएन एसके शर्मा का कहना है कि उपायुक्त बिलासपुर की ओर से मिले फंड से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे किनारे शौचालय बनाए जा रहे हैं। करीब सभी शौचालय तैयार हो गए हैं। लेकिन दो पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जाहिर कर निर्माण कार्य रोक दिया है। इससे परेशानी आ रही है।