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Bilaspur News: जिले में 2023 में 854 क्षय रोग के मामले आए सामने
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-विभाग की ओर से की गई 23,377 टीबी के मामलों की जांच
-टीबी मुक्त सर्वेक्षण में 30 पंचायतें उतरी खरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में वर्ष 2023 में 23,377 टीबी के मामलों की जांच स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई। इसमें 854 क्षय रोग के मामले सामने आए। इन रोगियों का उपचार जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चलाया गया। इसमें से 448 क्षय रोगियों द्वारा इलाज पूरा कर लिया गया है और वह क्षय रोग से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। वहीं 406 क्षय रोगियों का उपचार जारी है। जिले की हर पंचायत को विभाग द्वारा निर्धारित छह संकेतकों पर आंका गया है। इसमें जिले की 30 पंचायतें खरी उतरी हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रवीण कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मुक्त पंचायत पहल 24 मार्च 2023 को वाराणसी में आयोजित विश्व टीबी दिवस कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई थी। इस पहल के तहत हर पंचायत को मुख्य छह संकेतकों पर आंका जाएगा। जो पंचायत 6 संकेतकों पर खरी उतरती है उस पंचायत को 24 मार्च 2024 को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। पहले वर्ष पंचायत को महात्मा गांधी (कांस्य) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। दूसरे वर्ष यदि पंचायत टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो उसे महात्मा गांधी (रजत) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। तीसरे वर्ष भी पंचायत यदि टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो उसे महात्मा गांधी (स्वर्ण) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पंचायत चौथे वर्ष में यदि टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो पंचायत को टीबी मुक्त स्थिति से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. प्रवीण लोगों से जिले से टीबी मुक्त बनाने में अपना सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी लक्षण महसूस होने पर अपनी और अपनों की जांच कराएं।
इनसेट
पंचायत को आंकने के छह सांकेतक
प्रत्येक एक हजार लोगों पर संभावित टीबी रोग परीक्षण दर 30 हो, एक हजार जनसंख्या पर एक या उससे कम टीबी रोगी हों, पंचायत में कुल टीबी रोगियों में से 85 प्रतिशत रोगियों द्वारा अपना इलाज सफलतापूर्वक पूरा किया जाना चाहिए, बलगम की जांच द्वारा टीबी पॉजिटिव पाए गए सभी रोगियों में से 60 प्रतिशत टीबी रोगियों के पास यूडीएसटी जांच होनी चाहिए, पंचायत में टीबी का इलाज ले रहे सभी टीबी रोगियों को कम से कम एक किस्त निक्षय पोषण योजना के तहत प्राप्त होनी चाहिए, पंचायत में सहमति दिए हुए सभी टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों द्वारा पोषण सहायता प्राप्त होनी चाहिए।
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इनसेट
टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, दो सप्ताह तक बुखार रहना, खांसी में खून आना, थकान, सीने में दर्द और सांस फूलना, वजन घटना और रात में पसीना आना।
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-टीबी मुक्त सर्वेक्षण में 30 पंचायतें उतरी खरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में वर्ष 2023 में 23,377 टीबी के मामलों की जांच स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई। इसमें 854 क्षय रोग के मामले सामने आए। इन रोगियों का उपचार जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चलाया गया। इसमें से 448 क्षय रोगियों द्वारा इलाज पूरा कर लिया गया है और वह क्षय रोग से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। वहीं 406 क्षय रोगियों का उपचार जारी है। जिले की हर पंचायत को विभाग द्वारा निर्धारित छह संकेतकों पर आंका गया है। इसमें जिले की 30 पंचायतें खरी उतरी हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रवीण कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मुक्त पंचायत पहल 24 मार्च 2023 को वाराणसी में आयोजित विश्व टीबी दिवस कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई थी। इस पहल के तहत हर पंचायत को मुख्य छह संकेतकों पर आंका जाएगा। जो पंचायत 6 संकेतकों पर खरी उतरती है उस पंचायत को 24 मार्च 2024 को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। पहले वर्ष पंचायत को महात्मा गांधी (कांस्य) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। दूसरे वर्ष यदि पंचायत टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो उसे महात्मा गांधी (रजत) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। तीसरे वर्ष भी पंचायत यदि टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो उसे महात्मा गांधी (स्वर्ण) की प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पंचायत चौथे वर्ष में यदि टीबी मुक्त स्थिति के लिए सफलतापूर्वक सत्यापित की जाती है तो पंचायत को टीबी मुक्त स्थिति से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. प्रवीण लोगों से जिले से टीबी मुक्त बनाने में अपना सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी लक्षण महसूस होने पर अपनी और अपनों की जांच कराएं।
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इनसेट
पंचायत को आंकने के छह सांकेतक
प्रत्येक एक हजार लोगों पर संभावित टीबी रोग परीक्षण दर 30 हो, एक हजार जनसंख्या पर एक या उससे कम टीबी रोगी हों, पंचायत में कुल टीबी रोगियों में से 85 प्रतिशत रोगियों द्वारा अपना इलाज सफलतापूर्वक पूरा किया जाना चाहिए, बलगम की जांच द्वारा टीबी पॉजिटिव पाए गए सभी रोगियों में से 60 प्रतिशत टीबी रोगियों के पास यूडीएसटी जांच होनी चाहिए, पंचायत में टीबी का इलाज ले रहे सभी टीबी रोगियों को कम से कम एक किस्त निक्षय पोषण योजना के तहत प्राप्त होनी चाहिए, पंचायत में सहमति दिए हुए सभी टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों द्वारा पोषण सहायता प्राप्त होनी चाहिए।
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टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, दो सप्ताह तक बुखार रहना, खांसी में खून आना, थकान, सीने में दर्द और सांस फूलना, वजन घटना और रात में पसीना आना।