{"_id":"5c12834242c7925d6a34bb6d","slug":"81544717122-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोनिवि की जांच में सामने आया जेजवीं पंचायत का फर्जीबाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोनिवि की जांच में सामने आया जेजवीं पंचायत का फर्जीबाड़ा
Updated Thu, 13 Dec 2018 09:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरठीं(बिलासपुर)। जेजवीं पंचायत में जेजवीं से मरेटा दूरघाट सड़क निर्माण में फर्जीवाड़े के मामले को लोक निर्माण विभाग ने भी अपनी जांच में सही पाया। विभाग ने जांच के बाद साफ कर दिया है सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। पंचायत द्वारा इस सड़क में एक पैसे का काम भी नहीं हुआ है। जबकि पंचायत ने इस सड़क के लिए मनरेगा में 841 दिन का कार्य दिखाया था। वहीं फर्जी दस्तावेज पेश कर करीब 5 लाख से अधिक की राशि भी डकार ली थी। जिसकी शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन ने मौके पर स्वयं जाकर जांच की। जिसकी रिपोर्ट उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया को भेज दी गई है। खबर की पुष्टि मनोहर लाल शर्मा एक्सईएन लोनिवि ने की है।
उल्लेखनीय है कि जेजवीं पंचायत ने अपने कागजों में इस सड़क पर सोलिंग कार्य के लिए मनरेगा में 841 दिन का काम दिखाया है। जिसका पता लगने पर जेजवीं मरेटा दूरघाट सड़क सुधार समिति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, विधायक, उपायुक्त बिलासपुर, एसडीएम झंडूता व खंड विकास अधिकारी को शिकायत दी थी।
सीएम कार्यालय के अतिरिक्त सचिव के आदेश पर उपायुक्त बिलासपुर ने इस सड़क की जांच लोक निर्माण विभाग को दी थी। जिसमें पाया गया कि पंचायत में इस निर्माण कार्य में फर्जीवाड़ा किया है। गांव सुधार समिति जेजवीं के मीडिया प्रभारी कुलदीप खजूरिया ने मांग की है इस पंचायत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। वहीं पंचायत में हुए अन्य कार्य की भी जांच करवाई जाए।
विज्ञापन
हालांकि इस से पहले खंड विकास अधिकारी भी मौके पर आकर अपनी जांच कर चुके हैं। लेकिन उसकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साबित कर दिया है कि जो भी कार्य इस सड़क पर हुआ है। वह लोक निर्माण विभाग ने ही किया है। न ही कभी 2017 में जेजवीं पंचायत ने इस सड़क पर काम करने के लिए एनओसी मांगी है और न ही कोई काम किया है।
इस मौके पर गांव सुधार समिति के प्रधान ज्ञान सिंह धीमान, सचिव दलीप सिंह, शेखर चंदेल, संदीप चंदेल, जगत राम, देव राज, कोषाध्यक्ष अर्जुन सिंह, सुखराम उप प्रधान, सतीश पुंडीर, बालक राम, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, प्रदीप शर्मा आदि ने सरकार से कड़ी कार्रवाई करने का निवेदन किया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि जेजवीं पंचायत ने अपने कागजों में इस सड़क पर सोलिंग कार्य के लिए मनरेगा में 841 दिन का काम दिखाया है। जिसका पता लगने पर जेजवीं मरेटा दूरघाट सड़क सुधार समिति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, विधायक, उपायुक्त बिलासपुर, एसडीएम झंडूता व खंड विकास अधिकारी को शिकायत दी थी।
विज्ञापन
सीएम कार्यालय के अतिरिक्त सचिव के आदेश पर उपायुक्त बिलासपुर ने इस सड़क की जांच लोक निर्माण विभाग को दी थी। जिसमें पाया गया कि पंचायत में इस निर्माण कार्य में फर्जीवाड़ा किया है। गांव सुधार समिति जेजवीं के मीडिया प्रभारी कुलदीप खजूरिया ने मांग की है इस पंचायत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। वहीं पंचायत में हुए अन्य कार्य की भी जांच करवाई जाए।
विज्ञापन
हालांकि इस से पहले खंड विकास अधिकारी भी मौके पर आकर अपनी जांच कर चुके हैं। लेकिन उसकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साबित कर दिया है कि जो भी कार्य इस सड़क पर हुआ है। वह लोक निर्माण विभाग ने ही किया है। न ही कभी 2017 में जेजवीं पंचायत ने इस सड़क पर काम करने के लिए एनओसी मांगी है और न ही कोई काम किया है।
इस मौके पर गांव सुधार समिति के प्रधान ज्ञान सिंह धीमान, सचिव दलीप सिंह, शेखर चंदेल, संदीप चंदेल, जगत राम, देव राज, कोषाध्यक्ष अर्जुन सिंह, सुखराम उप प्रधान, सतीश पुंडीर, बालक राम, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, प्रदीप शर्मा आदि ने सरकार से कड़ी कार्रवाई करने का निवेदन किया है।