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अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मांगी दुआ
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:13 AM IST
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अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मांगी दुआ
बिलासपुर (रामपुर)।
हजरत गुलाम रसूल उर्फ दादा मियां रहमतुल्ला अलैह की दरगाह पर बृहस्पतिवार को पहुंचे अकीदतमंदों ने अकीदत के साथ प्रसाद चढ़ाकर व चादरपोशी कर दुआ मांगी। चादरपोशी का सिलसिला शाम तक चला। ग्राम भटपुरा तारन शरीफ स्थित हजरत गुलाम रसूल की दरगाह पर चल रहे सालाना उर्स के मौके पर तीसरे दिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही अकीदतमदों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई। सुबह से ही भारी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पर एकत्र हो गए। सुबह कुरान ख्बानी के बाद उलमाओं ने तकरीर की। चादरपोशी का सिलसिला रात तक चला। शाम चार बजे बिसाली कुल शरीफ हुआ, जिसमें भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अकीदतमंदों ने दरगाह पर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाकर व चादरपोशी कर खुशहाली के लिए दुआ मांगी। इसके अलावा दूर दराज से आए तमाम अकीदतमंदों ने भी चादरपोशी कर दुआ मांगी। रात में उलमाओं ने तकरीर की तथा कब्बालों ने कब्बालियों का प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान पति लियाकत हुसैन ने अकील अहमद आदि साथ चादरपोशी कर गांव की खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स के मद्देनजर दरगाह को अकर्षक ढ़ंग से सजाया गया। बाद में उर्स समापन की घोषणा की। व्यवस्था में सज्जादानशीं सैयद नसीम मियां, सईद मियां, मुसर्रत अली, आजम अली, अकील अहमद, अकबर अली, उस्मान मियां आदि मुख्य थे।
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बिलासपुर (रामपुर)।
हजरत गुलाम रसूल उर्फ दादा मियां रहमतुल्ला अलैह की दरगाह पर बृहस्पतिवार को पहुंचे अकीदतमंदों ने अकीदत के साथ प्रसाद चढ़ाकर व चादरपोशी कर दुआ मांगी। चादरपोशी का सिलसिला शाम तक चला। ग्राम भटपुरा तारन शरीफ स्थित हजरत गुलाम रसूल की दरगाह पर चल रहे सालाना उर्स के मौके पर तीसरे दिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही अकीदतमदों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई। सुबह से ही भारी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पर एकत्र हो गए। सुबह कुरान ख्बानी के बाद उलमाओं ने तकरीर की। चादरपोशी का सिलसिला रात तक चला। शाम चार बजे बिसाली कुल शरीफ हुआ, जिसमें भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अकीदतमंदों ने दरगाह पर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाकर व चादरपोशी कर खुशहाली के लिए दुआ मांगी। इसके अलावा दूर दराज से आए तमाम अकीदतमंदों ने भी चादरपोशी कर दुआ मांगी। रात में उलमाओं ने तकरीर की तथा कब्बालों ने कब्बालियों का प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान पति लियाकत हुसैन ने अकील अहमद आदि साथ चादरपोशी कर गांव की खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स के मद्देनजर दरगाह को अकर्षक ढ़ंग से सजाया गया। बाद में उर्स समापन की घोषणा की। व्यवस्था में सज्जादानशीं सैयद नसीम मियां, सईद मियां, मुसर्रत अली, आजम अली, अकील अहमद, अकबर अली, उस्मान मियां आदि मुख्य थे।