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खुले में शौच को रोकना अत्यंत आवश्यक
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:43 PM IST
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बरमाणा (बिलासपुर)। कंज्योटा महिला मंडल ने रविवार को विश्व शौचालय दिवस मनाया। इसकी अध्यक्षता महिला मंडल प्रधान मंजू देवी व एसबीएम मोटिवेटर संजय शर्मा ने की।
संजय शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व शौचालय दिवस 19 नवंबर 2001 से शुरू हुआ था। 19 नवंबर 2013 से इसे पूरे विश्व में मनाया जाने लगा। कहा कि हमारे समाज में अधिकांश गांवों और कुछ शहरों में आज भी खुले में शौच जाना जारी है। अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक आबादी नहीं जानती कि खुले में शौच जाने से उनके स्वास्थ्य पर कितना विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं। खुले में शौच को रोकना अत्यंत आवश्यक है। शौचालय बनाने के फायदे भी लोगों को बताए। महिलाओं की सुरक्षा बनी रहती है साथ ही घरेलू और बाहर की हिंसा में कमी आती है। जलजनित बीमारियों से मुक्ति मिलती है। जंगली जानवरों के काटने का भय नहीं रहता है। बुजुर्ग अगर घर में बीमार हो तो शौचालय सुविधाजनक होते हैं।
इस मौके पर पदवति देवी, मीना देवी, रचना देवी, अनीता देवी, सावित्री देवी, सीता देवी, नीता देवी, शिव देई, फूलां देवी, नर्मदा देवी, हरदेई, कांता सहित अन्य कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
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संजय शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व शौचालय दिवस 19 नवंबर 2001 से शुरू हुआ था। 19 नवंबर 2013 से इसे पूरे विश्व में मनाया जाने लगा। कहा कि हमारे समाज में अधिकांश गांवों और कुछ शहरों में आज भी खुले में शौच जाना जारी है। अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक आबादी नहीं जानती कि खुले में शौच जाने से उनके स्वास्थ्य पर कितना विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं। खुले में शौच को रोकना अत्यंत आवश्यक है। शौचालय बनाने के फायदे भी लोगों को बताए। महिलाओं की सुरक्षा बनी रहती है साथ ही घरेलू और बाहर की हिंसा में कमी आती है। जलजनित बीमारियों से मुक्ति मिलती है। जंगली जानवरों के काटने का भय नहीं रहता है। बुजुर्ग अगर घर में बीमार हो तो शौचालय सुविधाजनक होते हैं।
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इस मौके पर पदवति देवी, मीना देवी, रचना देवी, अनीता देवी, सावित्री देवी, सीता देवी, नीता देवी, शिव देई, फूलां देवी, नर्मदा देवी, हरदेई, कांता सहित अन्य कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
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