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पहली से आठवीं कक्षा के 74 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
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रावमापा छात्रा बिलासपुर में पाठशालाओ के खुलने पर शिक्षा प्राप्त करती छात्राएं।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। जिले में वीरवार को स्कूल खुलने पर पहली से आठवीं कक्षाओं के विद्यार्थी बड़ी उत्सुकता से स्कूल पहुंचे। स्कूल स्टाफ भी काफी खुश नजर आया। प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। कक्षाओं में विद्यार्थियों को दो गज की दूरी का पालन करते हुए बैठाया गया। वीरवार को पहली से आठवीं कक्षा के 74 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
कोरोना महामारी शुरू होने के बाद पहले तो करीब एक वर्ष तक पहली से आठवीं तक लगातार स्कूल बंद रहे और उसके बाद भी कुछ समय के लिए कक्षाएं शुरू की गई थीं, लेकिन फिर से कोरोना मामले बढ़ने के बाद इन कक्षाओं को बंद कर दिया था।
वीरवार को विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। स्कूल में कोरोना नियमों के अनुसार बच्चों को कक्षाओं में बैठाया गया। दोपहर के भोजन के समय भी बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठे। उच्च शिक्षा उपनिदेशक राजकुमार ने बताया कि पहली से आठवीं कक्षा के 25 हजार 941 विद्यार्थियों में 19038 विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी स्कूलों में कोरोना नियमों की पालना की गई।
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स्कूल खुलना जरूरी
छठी कक्षा कि अंशिका ने बताया कि स्कूल खुलना बहुत जरूरी है। स्कूल आकर पढ़ने में काफी मजा आता है।
ऑनलाइन कक्षाओं में कुछ ही सवाल आते हैं समझ
ज्योति ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू तो हुईं, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं में कई ऐसे प्रश्न हैं जो समझ नहीं आए हैं। इसलिए स्कूल खोलने का निर्णय अच्छा है।
स्कूल आना लगता है अच्छा
आकृति ने कहा कि स्कूल आकर अच्छा लगता है। अपने दोस्तों से मिलते हैं व अध्यापकों से पढ़ाई के अलावा अन्य चीजें भी सीखने को मिलती हैं।
अब नहीं होने चाहिए स्कूल बंद
अक्षरा ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण घर में ही पढ़ना पड़ रहा था। घर में रहकर पढ़ने में मजा नहीं आता है। अब स्कूल बंद नहीं होने चाहिए।
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कोरोना महामारी शुरू होने के बाद पहले तो करीब एक वर्ष तक पहली से आठवीं तक लगातार स्कूल बंद रहे और उसके बाद भी कुछ समय के लिए कक्षाएं शुरू की गई थीं, लेकिन फिर से कोरोना मामले बढ़ने के बाद इन कक्षाओं को बंद कर दिया था।
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वीरवार को विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। स्कूल में कोरोना नियमों के अनुसार बच्चों को कक्षाओं में बैठाया गया। दोपहर के भोजन के समय भी बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठे। उच्च शिक्षा उपनिदेशक राजकुमार ने बताया कि पहली से आठवीं कक्षा के 25 हजार 941 विद्यार्थियों में 19038 विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी स्कूलों में कोरोना नियमों की पालना की गई।
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स्कूल खुलना जरूरी
छठी कक्षा कि अंशिका ने बताया कि स्कूल खुलना बहुत जरूरी है। स्कूल आकर पढ़ने में काफी मजा आता है।
ऑनलाइन कक्षाओं में कुछ ही सवाल आते हैं समझ
ज्योति ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू तो हुईं, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं में कई ऐसे प्रश्न हैं जो समझ नहीं आए हैं। इसलिए स्कूल खोलने का निर्णय अच्छा है।
स्कूल आना लगता है अच्छा
आकृति ने कहा कि स्कूल आकर अच्छा लगता है। अपने दोस्तों से मिलते हैं व अध्यापकों से पढ़ाई के अलावा अन्य चीजें भी सीखने को मिलती हैं।
अब नहीं होने चाहिए स्कूल बंद
अक्षरा ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण घर में ही पढ़ना पड़ रहा था। घर में रहकर पढ़ने में मजा नहीं आता है। अब स्कूल बंद नहीं होने चाहिए।