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बिलासपुर को खेल नगरी बनाने के लिए टीम का दौरा
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। भाखड़ा बांध से बिलासपुर तक के करीब 90 किलोमीटर दायरे में फैली गोबिंदसागर झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त टीम ने रेजर वायर का दौरा किया। टीम में पर्यटन विभाग, बीबीएमबी, वाटर स्पोर्ट्स के अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के बाद पर्यटन विभाग की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की गई है जो सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद आगामी विजिट तक शिकारे व पानी के अंदर अन्य गतिविधियों को शुरू करने के लिए स्थान चिहिन्त किए जाएंगे।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बिलासपुर को नई पर्यटन एवं एड्वेंचर स्पोर्ट्स नगरी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के चलते बुधवार को यह निरीक्षण रखा गया। इससे पहले एक टीम की संयुक्त बैठक भी वाटर स्पोर्ट्स भवन में हुई जिसमें सभी अधिकारियों टीम के अन्य सदस्यों ने अपने-अपने विचार साझा किए।
यह भी कहा गया कि अगर हम लोगों को चिहिन्त स्थानों पर पानी के अंदर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करने की परमिशन देते हैं, तो स्थानीय लोग भी वहां पर क्षेत्र को विकसित कर सकते हैं। इसके अलावा बीबीएमबी से आए सुरक्षा अधिकारियों ने पर्यटन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी एक प्रपोजल तैयार कर बीबीएमबी को भेजने को कहा है ताकि उस हिसाब से कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
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पर्यटन विभाग के टीआईओ रितेश पटियाल ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां पर बीबीएमबी, जिला प्रशासन व टूरिज्म विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है जो आगामी कार्रवाई के लिए आगे भेजी जाएगी, जिसके बाद दोबारा से यहां पर निरीक्षण कर स्थान चिहिन्त किए जाएंगे।
इनसेट...
1700 फीट के ऊपर की जगह हिमाचल सरकार की
वहीं बीबीएमबी से आए अधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार पानी के लेवल के स्तर 1700 फीट के नीचे कोई गतिविधि शुरू करना चाहती है तो इसके लिए उन्हे प्रपोजल तैयार कर बीबीएमबी को स्वीकृति के लिए भेजना होगा, जबकि अगर इससे ऊपर के स्तर पर वह कोई गतिविधि शुरू करना चाहती है तो वह बिना किसी की एनओसी के कर सकती है क्योंकि वह जगह हिमाचल सरकार की है। अब सरकार को यह तय करना है कि वह किस तरह अपना कार्य शुरू करना चाहती है।
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पर्यटन को बढ़ावा देने वाले स्थल होंगे चिहिन्त
वहीं बीबीएमबी के अधिकारियों ने कहा कि पर्यटन विभाग व प्रदेश सरकार पहले गोबिंद सागर किनारे ऐसे प्वाइंट चिहिन्त कर ले जहां पर वह कुछ शुरू करना चाहते हैं ताकि वह उन जगहों का दौरा कर वहां की स्थिति को जांच सके। इसके अलावा पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बिलासपुर से गुजरने वाले फोरलेन को देखते हुए पर्यटन स्थल वहीं पर विकसित किए जाएंगे ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक यहीं पर झील का नजारा ले सकें और झील की सैर कर सकें। इसके लिए जल्द ही ऐसी जगह तलाशी जाएगी जहां पर पर्यटक आसानी से पहुंच सके व टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।
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बिलासपुर। भाखड़ा बांध से बिलासपुर तक के करीब 90 किलोमीटर दायरे में फैली गोबिंदसागर झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त टीम ने रेजर वायर का दौरा किया। टीम में पर्यटन विभाग, बीबीएमबी, वाटर स्पोर्ट्स के अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के बाद पर्यटन विभाग की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की गई है जो सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद आगामी विजिट तक शिकारे व पानी के अंदर अन्य गतिविधियों को शुरू करने के लिए स्थान चिहिन्त किए जाएंगे।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बिलासपुर को नई पर्यटन एवं एड्वेंचर स्पोर्ट्स नगरी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के चलते बुधवार को यह निरीक्षण रखा गया। इससे पहले एक टीम की संयुक्त बैठक भी वाटर स्पोर्ट्स भवन में हुई जिसमें सभी अधिकारियों टीम के अन्य सदस्यों ने अपने-अपने विचार साझा किए।
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यह भी कहा गया कि अगर हम लोगों को चिहिन्त स्थानों पर पानी के अंदर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करने की परमिशन देते हैं, तो स्थानीय लोग भी वहां पर क्षेत्र को विकसित कर सकते हैं। इसके अलावा बीबीएमबी से आए सुरक्षा अधिकारियों ने पर्यटन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी एक प्रपोजल तैयार कर बीबीएमबी को भेजने को कहा है ताकि उस हिसाब से कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
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पर्यटन विभाग के टीआईओ रितेश पटियाल ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां पर बीबीएमबी, जिला प्रशासन व टूरिज्म विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है जो आगामी कार्रवाई के लिए आगे भेजी जाएगी, जिसके बाद दोबारा से यहां पर निरीक्षण कर स्थान चिहिन्त किए जाएंगे।
इनसेट...
1700 फीट के ऊपर की जगह हिमाचल सरकार की
वहीं बीबीएमबी से आए अधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार पानी के लेवल के स्तर 1700 फीट के नीचे कोई गतिविधि शुरू करना चाहती है तो इसके लिए उन्हे प्रपोजल तैयार कर बीबीएमबी को स्वीकृति के लिए भेजना होगा, जबकि अगर इससे ऊपर के स्तर पर वह कोई गतिविधि शुरू करना चाहती है तो वह बिना किसी की एनओसी के कर सकती है क्योंकि वह जगह हिमाचल सरकार की है। अब सरकार को यह तय करना है कि वह किस तरह अपना कार्य शुरू करना चाहती है।
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पर्यटन को बढ़ावा देने वाले स्थल होंगे चिहिन्त
वहीं बीबीएमबी के अधिकारियों ने कहा कि पर्यटन विभाग व प्रदेश सरकार पहले गोबिंद सागर किनारे ऐसे प्वाइंट चिहिन्त कर ले जहां पर वह कुछ शुरू करना चाहते हैं ताकि वह उन जगहों का दौरा कर वहां की स्थिति को जांच सके। इसके अलावा पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बिलासपुर से गुजरने वाले फोरलेन को देखते हुए पर्यटन स्थल वहीं पर विकसित किए जाएंगे ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक यहीं पर झील का नजारा ले सकें और झील की सैर कर सकें। इसके लिए जल्द ही ऐसी जगह तलाशी जाएगी जहां पर पर्यटक आसानी से पहुंच सके व टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।