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बिना सरकारी अनुदान के 50 बीघा जमीन में बाड़बंदी
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:42 PM IST
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भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत औहर के गांव औहर के किसानों ने संयुक्त रूप से अपनी 50 बीघा जमीन पर बिना किसी सरकारी अनुदान के बाड़बंदी कर फसलों को बचाने की पहल की है। हालांकि वैसे तो सरकार द्वारा किसानों को बाड़बंदी के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण किसानों ने स्वयं ही पैसा खर्च कर अपने खेतों में बाड़बंदी कर दी है।
गांव के विजय पाल, ओंकार सिह, ब्रह्मप्रकाश, जगदीश, रामकृष्ण, राम प्रकाश सहित अन्य किसानों ने बताया कि लावारिस पशुओं, जंगली जानवरों के कारण सैकड़ों बीघा जमीन बंजर बन चुकी है। भले ही हाईकोर्ट के हर पंचायत में गौसदन बनाने के आदेश हुए हैं। लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जिला में किसी भी पंचायत में गौसदन नहीं बना है। जब भी चुनाव आते हैं तो नेताओं का पहला मुद्दा लावारिस पशुओं से निजात दिलाने का ही होता है। लेकिन जीतने के बाद नेता इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इससे समस्या बरकरार रहती है। लेकिन अपनी समस्या का स्वयं समाधान करते हुए गांव औहर के किसानों ने अपने 50 बीघा जमीन में बिना किसी अनुदान के कंटीली तारों की बाड़बंदी करके हजारों रुपये खर्च करके फसलों को बचाने की पहल की है।
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गांव के विजय पाल, ओंकार सिह, ब्रह्मप्रकाश, जगदीश, रामकृष्ण, राम प्रकाश सहित अन्य किसानों ने बताया कि लावारिस पशुओं, जंगली जानवरों के कारण सैकड़ों बीघा जमीन बंजर बन चुकी है। भले ही हाईकोर्ट के हर पंचायत में गौसदन बनाने के आदेश हुए हैं। लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जिला में किसी भी पंचायत में गौसदन नहीं बना है। जब भी चुनाव आते हैं तो नेताओं का पहला मुद्दा लावारिस पशुओं से निजात दिलाने का ही होता है। लेकिन जीतने के बाद नेता इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इससे समस्या बरकरार रहती है। लेकिन अपनी समस्या का स्वयं समाधान करते हुए गांव औहर के किसानों ने अपने 50 बीघा जमीन में बिना किसी अनुदान के कंटीली तारों की बाड़बंदी करके हजारों रुपये खर्च करके फसलों को बचाने की पहल की है।
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