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एसीसी की भारी ब्लास्टिंग से सहमे लोग आए घरों से बाहर

Fri, 05 Oct 2018 08:16 PM IST
Updated Fri, 05 Oct 2018 08:16 PM IST
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एसीसी की भारी ब्लास्टिंग से सहमे लोग आए घरों से बाहर
पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर पिनौड़ीगाड़ में मलबा हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी माइनिंग एरिया से जुड़े गांव कुनणू, धौन कोठी, बलोह, बरियाही के लोग एसीसी की भारी ब्लास्टिंग से इतने सहमे हैं कि उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर देश के राष्ट्रपति तक को शिकायत पत्र के जरिये अपना दुखड़ा सुनाया है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि अभी तक उनकी समस्या ज्यों की त्यों बनी है। एसीसी द्वारा भारी ब्लास्टिंग जारी है और लोग ब्लास्टिंग टाइम में अपने घरों से बाहर रहने के लिए मजबूर हैं।
प्रदेश सरकार, राष्ट्रपति और जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी एसीसी लगातार भारी ब्लास्टिंग कर रही है और उसके कारण लोगों के घरों में बड़ी दरारें आ रही हैं जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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आदर्श वेलफेयर सोसाइटी धौन कोठी, बलोह के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि कंपनी पर किसी भी बात का कोई असर नहीं है। कंपनी आए दिन भारी ब्लास्टिंग कर रही है। वीरवार और शुक्रवार को तो ब्लास्टिंग इतनी भारी हुई कि डर से सहमे लोग घरों के बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से लेकर जिला प्रशासन और राष्ट्रपति तक को इस समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन जांच के आश्वासनों के अलावा लोगों को कुछ नहीं मिला है। जांच कमेटियां बनती हैं, जांच भी होती है और उसमें यह भी साफ हो जाता है कि लोगों को सही में ब्लास्टिंग से समस्या है लेकिन उसका समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
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वहीं उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि जब भी उनके पास लोगों की शिकायत पहुंची है उन्होंने उस पर कड़ा संज्ञान लिया है। कंपनी को भी तलब किया है कि वह ब्लास्टिंग की मानीटरिंग करें और बताएं कि माइनिंग कंट्रोल में है या नहीं। अगर लोगों को किसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वह उन्हें इससे अवगत करवाएं।

वहीं एसडीएम प्रियंका वर्मा का कहना है कि उन्हें भी शिमला से किसी एक गांव जिसमें कि ब्लास्टिंग का प्रभाव ज्यादा है शिकायत आई है। उसको एक्वायर करने के लिए नेगोशेशन करना है। उसके लिए टीम काम कर रही है। हाल ही में किसी प्रकार की शिकायत ग्रामीणों की तरफ से उन्हें नहीं मिली है।
 
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