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बार-बार पेशाब आना मधुमेह के लक्ष्ण

Wed, 15 Nov 2017 11:02 PM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:02 PM IST
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बार-बार पेशाब आना मधुमेह के लक्ष्ण
बिलासपुर। विश्व मधुमेह नियंत्रण दिवस का आयोजन राजकीय महाविद्यालय जुखाला में किया गया। समारोह की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य डॉ. राकेश भारद्वाज ने की। स्वास्थ्य शिक्षक राजकुमार ने मधुमेह के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने बच्चों को मधुमेह के लक्षण व बचाव के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुमेह के लक्षण बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना, ज्यादा भूख लगना, रक्तचाप, थकावट आदि हैं। मधुमेह की जांच समय-समय पर करवानी चाहिए। मधुमेह से बचाव के लिए रोज सैर करनी चाहिए, भरपूर नींद, मीठे से परहेज व वजन पर नियंत्रण रखना चाहिए। मधुमेह होने पर डॉ. की सलाह के अनुसार नियमित दवाई लेनी चाहिए।
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मधुमेह मेटाबोलिक बीमारियों का एक समूह है, जिसमें व्यक्ति के खून में ग्लूकोज ब्लड शूगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ऐसा तब होता है, जब शरीर में इंसुलिन ठीक से न बने या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से प्रतिक्रिया न दें। जिन मरीजों का ब्लड शूगर सामान्य से अधिक होता है वे अक्सर बार-बार पेशाब आने से परेशान रहते हैं।
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डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन नहीं बनता। मधुमेह के करीब 10 फीसदी मामले इसी प्रकार के होते हैं। जबकि टाइप दो डायबिटीज में शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता। दुनिया भर में मधुमेह के 90 फीसदी मामले इसी प्रकार के हैं। मधुमेह का तीसरा प्रकार है गैस्टेशनल मधुमेह जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होता है। उन्होंने कहा कि उचित व्यायाम, आहार और शरीर के वजन पर नियंत्रण रखकर मधुमेह को नियंत्रित रखा जा सकता है। अगर मधुमेह पर ठीक से नियंत्रण न रखा जाए तो मरीज में दिल, गुर्दे, आंखें, पैर एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में दीक्षा ने प्रथम, सपना ने द्वितीय, आकृति गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। नारा लेखन में प्रथम स्थान रितिका त्यागी, द्वितीय नेहा शर्मा, तृतीय प्रिक्षिका ठाकुर ने हासिल किया।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्रोफेसर नर्मता ठाकुर ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर राम कृष्ण, सत्य रत्न, शिवांश, सुरेश, वंदना, आरती, शकुंतला, निशा, पूनम भारद्वाज उपस्थित रहे।

मधुमेह के कारण
1. जीवनशैली: गतिहीन जीवनशैली, अधिक मात्रा में जंक फूड, फिजी पेय पदार्थों का सेवन और खाने-पीने की गलत आदतें मधुमेह का कारण बन सकती हैं। घंटों तक लगातार बैठे रहने से भी मधुमेह की संभावना बढ़ जाती है।
2. सामान्य से अधिक वजन, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता : अगर व्यक्ति शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय न हो अथवा मोटापे का शिकार हो, उसका वनज सामान्य से अधिक हो तो भी मधुमेह की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादा वजन इंसुलिन के निर्माण में बाधा पैदा करता है। शरीर में वसा की लोकेशन भी इसे प्रभावित करती है। पेट पर अधिक वसा का जमाव होने से इंसुलिन उत्पादन में बाधा आती है। इसका परिणाम टाइप-दो डायबिटीज, दिल एवं रक्त वाहिकाओं की बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है।

3. जीन एवं पारिवारिक इतिहास : कुछ विशेष जीन मधुमेह की संभावना बढ़ा सकते हैं। जिन लोगों के परिवार में मधुमेह का इतिहास होता है, उनमें इस रोग के होने की संभावना अधिक होती है।

मधुमेह से ऐसे बचें...
1. नियमित व्यायाम करें:- गतिहीन जीवनशैली मधुमेह के मुख्य कारणों में से एक है। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम मधुमेह से बचने के लिए आवश्यक है।
2. संतुलित आहार:- सही समय पर सही आहार जैसे फलों, सब्जियों और अनाज का सेवन बेहद फायदेमंद है। लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
3. वजन पर नियंत्रण रखें।
4. पर्याप्त नींद: रोजाना सात-आठ घंटे की नींद महत्वपूर्ण है।
5. तनाव से बचें और ज्यादा उपवास न करें।
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