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ढोलकी, चिमटा बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
मांगों को लेकर जारी मिड डे-मील वर्करों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान अनशन में बैठी महिलाओं ने ढोलकी और चिमटा बजाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनशन पर बैठीं महिलाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता वह अनशन पर बैठीं रहेंगी। मांगों को मनवाने का दृढ़ निश्चय कर चुकी वर्करों को दिन प्रतिदिन मिल रहे समर्थन में भी लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। तीसरे दिन स्वतंत्रता सेनानी नरोत्तम दत्त शास्त्री की पत्नी ने भी वर्करों की मांगों का समर्थन किया और विश्वास दिलाया कि उन्हें इस हक की लड़ाई में सफलता जरूर मिलेगी।
माहौल उस समय गमगीन हो गया जब आमरण अनशन पर बैठी एक महिला का बेटा उसे घर जाने की अपील करने लगा। लेकिन मां ने नम आंखों से बेटे को कहा कि वह अपनी मांगों को मनवाने के बाद ही घर वापस लौटेगी। इसके अलावा संघ ने उपायुक्त से आमरण अनशन पर अस्थायी शौचालय बनाने की भी मांग की, ताकि महिलाओं को ज्यादा दूर तक न जाना पड़े। मगर अनशन के चलते महिलाओं में कमजोरी आना शुरू हो गई है। मगर महिलाओं के साथ खड़े विभिन्न संगठनों के नेताओं का कहना है कि उपायुक्त ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। तीसरे दिन डॉक्टरों की एक टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य का भी चेकअप किया। इसमें डॉक्टर ने महिलाओं की रिपोर्ट को सही पाया है। प्रदर्शन पर बैठे नेताओं का कहना है कि अगर अनशन पर बैठी महिलाओं के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का विपरीत असर पड़ता है, तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन व सरकार की होगी। इंटक नेता भगत सिंह वर्मा, उमंग संस्था के प्रधान सुरेश कुमार, किसान बचाओ हिमाचल बचाओ अभियान के नेता देशराज, वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम ठाकुर, इंद्रपाल, बलवीर, एटक जिला अध्यक्ष लेखराम वर्मा ने भी वर्करों का हौसला बढ़ाया।
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बिलासपुर।
मांगों को लेकर जारी मिड डे-मील वर्करों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान अनशन में बैठी महिलाओं ने ढोलकी और चिमटा बजाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनशन पर बैठीं महिलाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता वह अनशन पर बैठीं रहेंगी। मांगों को मनवाने का दृढ़ निश्चय कर चुकी वर्करों को दिन प्रतिदिन मिल रहे समर्थन में भी लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। तीसरे दिन स्वतंत्रता सेनानी नरोत्तम दत्त शास्त्री की पत्नी ने भी वर्करों की मांगों का समर्थन किया और विश्वास दिलाया कि उन्हें इस हक की लड़ाई में सफलता जरूर मिलेगी।
माहौल उस समय गमगीन हो गया जब आमरण अनशन पर बैठी एक महिला का बेटा उसे घर जाने की अपील करने लगा। लेकिन मां ने नम आंखों से बेटे को कहा कि वह अपनी मांगों को मनवाने के बाद ही घर वापस लौटेगी। इसके अलावा संघ ने उपायुक्त से आमरण अनशन पर अस्थायी शौचालय बनाने की भी मांग की, ताकि महिलाओं को ज्यादा दूर तक न जाना पड़े। मगर अनशन के चलते महिलाओं में कमजोरी आना शुरू हो गई है। मगर महिलाओं के साथ खड़े विभिन्न संगठनों के नेताओं का कहना है कि उपायुक्त ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। तीसरे दिन डॉक्टरों की एक टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य का भी चेकअप किया। इसमें डॉक्टर ने महिलाओं की रिपोर्ट को सही पाया है। प्रदर्शन पर बैठे नेताओं का कहना है कि अगर अनशन पर बैठी महिलाओं के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का विपरीत असर पड़ता है, तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन व सरकार की होगी। इंटक नेता भगत सिंह वर्मा, उमंग संस्था के प्रधान सुरेश कुमार, किसान बचाओ हिमाचल बचाओ अभियान के नेता देशराज, वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम ठाकुर, इंद्रपाल, बलवीर, एटक जिला अध्यक्ष लेखराम वर्मा ने भी वर्करों का हौसला बढ़ाया।
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