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केंटीलीवर स्पेन विधि से बना सबसे लंबा पुल होगा बागछाल
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अमर उजाला ब्यूरो
कोटधार(बिलासपुर)। सालों से अधर में लटका बागछाल पुल का निर्माण कार्य 2020 में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं केंटीलीवर स्पेन विधि से बनने वाला यह पूल एशिया का सब से लंबा पुल होगा। इस पुल का लंबाई 185 मीटर रहेगी। हालांकि पुल का शिलान्यास 2005 में हुआ था, जिसके बाद 2007 में पुल का निर्माण कार्य बंद हो गया था। हालांकि तब तक कंपनी दो पुल बनाने पर 18.46 करोड़ खर्च कर चुकी थी। इसके बाद ‘अमर उजाला’ ने 25 दिसंबर 2016 के अंक में 11 साल में बने सिर्फ दो पिलर मजाक बन कर बागछाल पुल शीर्षक के साथ मामले को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद सरकार ने इस पुल के निर्माण को फिर से राशि जारी करने का फैसला लिया था। वहीं प्रदेश हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था, जहां से पुल को 2019 तक बनाने के आदेश हुए थे।
शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान झंडूता के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पुल निर्माण के लिए इस वर्ष 13 करोड़ और गत वर्ष 4 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुल के बनने से जहां पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं हमीरपुर जिला के लोगों को भी इसका फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण का कार्य चल रहा है और वर्ष 2020 में हर हाल में पुल बन कर तैयार हो जाएगा और क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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इनसेट...
21.85 करोड़ से बनने वाला पुल अब बनेगा 42 करोड़ से
गौर रहे कि अगर पुल निर्माण तय समय में हो गया होता तो इसकी लागत मात्र 21.85 करोड़ होनी थी, लेकिन लापरवाही के कारण अब पुल का निर्माण में करीब 13 साल की देरी हो चुकी है जिस कारण अब पुल निर्माण की लागत 42 करोड़ पहुंच चुकी है।
इनसेट...
गैमन इंडिया कंपनी के साइट इंजीनियर ओंकार सिंह ने बताया की केंटीलीवर स्पेन विधि से बना सबसे लंबा पुल होगा बागछाल। कहा कि इस पुल का 185 मीटर लंबाई होगी।
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कोटधार(बिलासपुर)। सालों से अधर में लटका बागछाल पुल का निर्माण कार्य 2020 में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं केंटीलीवर स्पेन विधि से बनने वाला यह पूल एशिया का सब से लंबा पुल होगा। इस पुल का लंबाई 185 मीटर रहेगी। हालांकि पुल का शिलान्यास 2005 में हुआ था, जिसके बाद 2007 में पुल का निर्माण कार्य बंद हो गया था। हालांकि तब तक कंपनी दो पुल बनाने पर 18.46 करोड़ खर्च कर चुकी थी। इसके बाद ‘अमर उजाला’ ने 25 दिसंबर 2016 के अंक में 11 साल में बने सिर्फ दो पिलर मजाक बन कर बागछाल पुल शीर्षक के साथ मामले को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद सरकार ने इस पुल के निर्माण को फिर से राशि जारी करने का फैसला लिया था। वहीं प्रदेश हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था, जहां से पुल को 2019 तक बनाने के आदेश हुए थे।
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शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान झंडूता के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पुल निर्माण के लिए इस वर्ष 13 करोड़ और गत वर्ष 4 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुल के बनने से जहां पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं हमीरपुर जिला के लोगों को भी इसका फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण का कार्य चल रहा है और वर्ष 2020 में हर हाल में पुल बन कर तैयार हो जाएगा और क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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21.85 करोड़ से बनने वाला पुल अब बनेगा 42 करोड़ से
गौर रहे कि अगर पुल निर्माण तय समय में हो गया होता तो इसकी लागत मात्र 21.85 करोड़ होनी थी, लेकिन लापरवाही के कारण अब पुल का निर्माण में करीब 13 साल की देरी हो चुकी है जिस कारण अब पुल निर्माण की लागत 42 करोड़ पहुंच चुकी है।
इनसेट...
गैमन इंडिया कंपनी के साइट इंजीनियर ओंकार सिंह ने बताया की केंटीलीवर स्पेन विधि से बना सबसे लंबा पुल होगा बागछाल। कहा कि इस पुल का 185 मीटर लंबाई होगी।
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