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मछुआरों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:37 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के जड्डू में फोरलेन निर्माण से प्रभावित मत्स्य सहकारी सभा समिति की दर्जनों समितियों के प्रभावितों की बैठक का आयोजन किया गया। सभी समितियों के मछुआरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जबकि फोरलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी के एनसीएल पर भी अपना गहरा रोष प्रकट किया। बैठक की अध्यक्षता प्रधान कर्म सिंह ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि सड़क निर्माण कर रही कंपनी नियमों को ताक में रखकर रोजी-रोटी को खत्म कर रही हैं। मछुआरे लोन उठा कर अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। जबकि यह सभी मछुआरे पहले भाखड़ा बांध से विस्थापित हैं। मछुआरे इसी गोबिंद सागर झील से अपना व अपने परिवारों का गुजारा कर रहे हैं।
मछुआरों का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा की जा रही अवैध डंपिंग से मछली उत्पादन इतना कम हो गया है कि मछुआरों को घर का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण का मलबा सीधे झील में डंप किया जा रहा है जिससे मछली उत्पादन में भारी कमी आई है।
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मछुआरों ने डीजीएफ एंड एसएस पर्यावरण भवन सीजीओ कॉप्लेक्स दिल्ली के चेयरमैन व अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, सदर एसडीएम, निदेशक मत्स्य विभाग बिलासपुर व मछुआरों ने अपनी-अपनी समितियों को भी लिखित तौर पर अवगत करवाया है। पत्रों में मछुआरों ने लिखा है कि उनके नुकसान की भरपाई कंपनी करे अन्यथा मछुआरों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इस मौके पर जीतराम, रामपाल, नंदलाल, रेखा देवी, सवित्री देवी, बीरोदेवी, सत्या देवी, कश्मीरा देवी, रीना देवी, रामआसरा, कश्मीरी देवी, रेशो देवी, निक्को राम, सृजन, प्यार सिंह, प्रेमलाल, सुनील, जगतपाल, जमना देवी, भाग सिंह, होशियार सिंह, राजकुमार, लक्ष्मी देवी, विश्नदास, पृथी सिंह, संजीव कुमार, सुभाष चंद, नरवीर सिंह, जगतपाल, प्रीतम सिंह, रामलाल, शमशेर सिंह, जगतराम, सोहन लाल सहित कई मछुआरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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बिलासपुर। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के जड्डू में फोरलेन निर्माण से प्रभावित मत्स्य सहकारी सभा समिति की दर्जनों समितियों के प्रभावितों की बैठक का आयोजन किया गया। सभी समितियों के मछुआरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जबकि फोरलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी के एनसीएल पर भी अपना गहरा रोष प्रकट किया। बैठक की अध्यक्षता प्रधान कर्म सिंह ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि सड़क निर्माण कर रही कंपनी नियमों को ताक में रखकर रोजी-रोटी को खत्म कर रही हैं। मछुआरे लोन उठा कर अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। जबकि यह सभी मछुआरे पहले भाखड़ा बांध से विस्थापित हैं। मछुआरे इसी गोबिंद सागर झील से अपना व अपने परिवारों का गुजारा कर रहे हैं।
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मछुआरों का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा की जा रही अवैध डंपिंग से मछली उत्पादन इतना कम हो गया है कि मछुआरों को घर का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण का मलबा सीधे झील में डंप किया जा रहा है जिससे मछली उत्पादन में भारी कमी आई है।
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मछुआरों ने डीजीएफ एंड एसएस पर्यावरण भवन सीजीओ कॉप्लेक्स दिल्ली के चेयरमैन व अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, सदर एसडीएम, निदेशक मत्स्य विभाग बिलासपुर व मछुआरों ने अपनी-अपनी समितियों को भी लिखित तौर पर अवगत करवाया है। पत्रों में मछुआरों ने लिखा है कि उनके नुकसान की भरपाई कंपनी करे अन्यथा मछुआरों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इस मौके पर जीतराम, रामपाल, नंदलाल, रेखा देवी, सवित्री देवी, बीरोदेवी, सत्या देवी, कश्मीरा देवी, रीना देवी, रामआसरा, कश्मीरी देवी, रेशो देवी, निक्को राम, सृजन, प्यार सिंह, प्रेमलाल, सुनील, जगतपाल, जमना देवी, भाग सिंह, होशियार सिंह, राजकुमार, लक्ष्मी देवी, विश्नदास, पृथी सिंह, संजीव कुमार, सुभाष चंद, नरवीर सिंह, जगतपाल, प्रीतम सिंह, रामलाल, शमशेर सिंह, जगतराम, सोहन लाल सहित कई मछुआरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।