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वेतन न मिलने पर मजदूरों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
Updated Fri, 31 Aug 2018 08:36 PM IST
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वेतन न मिलने पर मजदूरों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
सीवरेज ट्रीटमेंट यूनियन ने दिया दस सितंबर तक का समय
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने नयनादेवी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहे मजदूरों को पिछले पांच महीने से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। निर्णय लिया है कि अगर 10 सितंबर तक मजदूरों के पांच महीनों और इसके अलावा पिछले बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया तो 10 सितंबर को मजदूर बिलासपुर जिलाधीश कार्यालय के बाहर सामूहिक आत्मदाह करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की होगी।
यूनियन ने आरोप लगाया कि आईपीएच विभाग के अधिकारियों के नकारात्मक और गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण मजदूर भूखे मरने को मजबूर हैं। लगभग 25 वर्ष पुराने इस ट्रीटमेंट प्लांट में मजदूरों से अमानवीय परिस्थितियों में बिना वेतन के सीवरेज का काम करवाया जा रहा है। प्लांट में ठेके के आधार पर 13 मजदूरों की बजाए सिर्फ 9 मजदूर रखकर पूरा काम करवाया जा रहा है। मजदूरों ने प्लांट की दयनीय स्थिति और वेतन भुगतान न होने बारे 13 जुलाई को जिला को भी शिकायत पत्र दिया था, लेकिन आज तक मजदूरों की खैर लेने वाला कोई नहीं है। जबकि विभागीय अधिकारी वेतन भुगतान के बारे में आनाकानी करते हैं और अधिकारी प्लांट तक जाना भी अपनी शान के खिलाफ समझते हैं।
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....खेमराज शर्मा।
सीवरेज ट्रीटमेंट यूनियन ने दिया दस सितंबर तक का समय
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने नयनादेवी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहे मजदूरों को पिछले पांच महीने से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। निर्णय लिया है कि अगर 10 सितंबर तक मजदूरों के पांच महीनों और इसके अलावा पिछले बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया तो 10 सितंबर को मजदूर बिलासपुर जिलाधीश कार्यालय के बाहर सामूहिक आत्मदाह करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की होगी।
यूनियन ने आरोप लगाया कि आईपीएच विभाग के अधिकारियों के नकारात्मक और गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण मजदूर भूखे मरने को मजबूर हैं। लगभग 25 वर्ष पुराने इस ट्रीटमेंट प्लांट में मजदूरों से अमानवीय परिस्थितियों में बिना वेतन के सीवरेज का काम करवाया जा रहा है। प्लांट में ठेके के आधार पर 13 मजदूरों की बजाए सिर्फ 9 मजदूर रखकर पूरा काम करवाया जा रहा है। मजदूरों ने प्लांट की दयनीय स्थिति और वेतन भुगतान न होने बारे 13 जुलाई को जिला को भी शिकायत पत्र दिया था, लेकिन आज तक मजदूरों की खैर लेने वाला कोई नहीं है। जबकि विभागीय अधिकारी वेतन भुगतान के बारे में आनाकानी करते हैं और अधिकारी प्लांट तक जाना भी अपनी शान के खिलाफ समझते हैं।
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....खेमराज शर्मा।