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75 साल की उम्र के बाद बाहर ट्रकों को बाहर करने के फैंसले का किया विरोध
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:54 PM IST
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ट्रकों को बाहर करने के फैसले का विरोध
बीओडी की बैठक में 75 साल की उम्र के बाद पूर्व सैनिकों के ट्रक बाहर करने का लिया है निर्णय
वरिष्ठता सूची पर भी ऑपरेटर संघर्ष समिति ने जताई आपत्ति
प्रदेश के 1400 ट्रक ऑपरेटरों पर पड़ेगा बुरा असर
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)।
प्रदेश पूर्व सैनिक निगम की बीओडी की बैठक के बाद लिए गए फैसले का जिला बिलासपुर भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति ने विरोध किया है। समिति का कहना है कि अगर यह फैसला कोर्ट से लागू हो जाता है तो 75 साल की उम्र के बाद जितने भी पूर्व सैनिकों के ट्रक सूबे की विभिन्न फैक्टरियों में लगे हैं वे बाहर हो जाएंगे। इससे 75 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी पूर्व सैनिक बेरोजगार हो जाएंगे।
समिति का कहना है कि बीओडी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि जो भी भूतपूर्व सैनिक 75 साल का हो जाएगा, उसका ट्रक स्वयं ही निगम से बाहर हो जाएगा। इसके अलावा निगम ने वरिष्ठता सूची भी 60 साल कर दी है। इसके तहत जिस भी भूतपूर्व सैनिक को वरिष्ठता सूची के तहत आवेदन करना होगा, उसकी आयु भी 60 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में वह केवल 15 साल तक ही ट्रक चला पाएगा। इसका भी विरोध समिति ने किया है। समिति के संयोजक तिलक राज शर्मा का कहना है कि इस समय प्रदेश में 1400 व जिला में 327 ट्रक निगम में कार्यरत हैं। अगर यह फैसला लागू हो जाता है तो इससे आधे से ज्यादा ट्रक एक झटके में ही बाहर हो जाएंगे। समिति का कहना है कि यह सब खेल ट्रक ऑपरेटरों को कर्ज के बोझ तले डूबने के लिए रचा जा रहा है। इस फैसले से सभी भूतपूर्व सैनिक ट्रक आपरेटरों का भविष्य दांव पर लग जाएगा।
सुधार समिति के प्रधान राकेश चंदेल का कहना है कि सभी ट्रक ऑपरेटरों को एकजुट होकर इस व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटर विरोध स्वरूप अब डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे। समिति के महासचिव महेंद्र सिंह ने इसके पीछे सीएमडी निगम की घटिया सोच को जिम्मेदार ठहराया है।
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बीओडी की बैठक में 75 साल की उम्र के बाद पूर्व सैनिकों के ट्रक बाहर करने का लिया है निर्णय
वरिष्ठता सूची पर भी ऑपरेटर संघर्ष समिति ने जताई आपत्ति
प्रदेश के 1400 ट्रक ऑपरेटरों पर पड़ेगा बुरा असर
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)।
प्रदेश पूर्व सैनिक निगम की बीओडी की बैठक के बाद लिए गए फैसले का जिला बिलासपुर भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति ने विरोध किया है। समिति का कहना है कि अगर यह फैसला कोर्ट से लागू हो जाता है तो 75 साल की उम्र के बाद जितने भी पूर्व सैनिकों के ट्रक सूबे की विभिन्न फैक्टरियों में लगे हैं वे बाहर हो जाएंगे। इससे 75 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी पूर्व सैनिक बेरोजगार हो जाएंगे।
समिति का कहना है कि बीओडी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि जो भी भूतपूर्व सैनिक 75 साल का हो जाएगा, उसका ट्रक स्वयं ही निगम से बाहर हो जाएगा। इसके अलावा निगम ने वरिष्ठता सूची भी 60 साल कर दी है। इसके तहत जिस भी भूतपूर्व सैनिक को वरिष्ठता सूची के तहत आवेदन करना होगा, उसकी आयु भी 60 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में वह केवल 15 साल तक ही ट्रक चला पाएगा। इसका भी विरोध समिति ने किया है। समिति के संयोजक तिलक राज शर्मा का कहना है कि इस समय प्रदेश में 1400 व जिला में 327 ट्रक निगम में कार्यरत हैं। अगर यह फैसला लागू हो जाता है तो इससे आधे से ज्यादा ट्रक एक झटके में ही बाहर हो जाएंगे। समिति का कहना है कि यह सब खेल ट्रक ऑपरेटरों को कर्ज के बोझ तले डूबने के लिए रचा जा रहा है। इस फैसले से सभी भूतपूर्व सैनिक ट्रक आपरेटरों का भविष्य दांव पर लग जाएगा।
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सुधार समिति के प्रधान राकेश चंदेल का कहना है कि सभी ट्रक ऑपरेटरों को एकजुट होकर इस व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटर विरोध स्वरूप अब डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे। समिति के महासचिव महेंद्र सिंह ने इसके पीछे सीएमडी निगम की घटिया सोच को जिम्मेदार ठहराया है।
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