फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   सीर खड्ड का चैनलाइजेशन बन गया केवल सपना

सीर खड्ड का चैनलाइजेशन बन गया केवल सपना

Fri, 19 Apr 2019 11:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:48 PM IST
विज्ञापन
सीर खड्ड का चैनलाइजेशन बन गया केवल सपना

विज्ञापन

घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सीर खड्ड का चैनलाइजेशन का मुद्दा सिर्फ चुनावी समय में ही याद आता है। हालांकि चैनलाइजेशन के कार्य के लिए बजट होने के दावे सालों से किए जा रहे हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि बजट के नाम पर चुनाव के समय लोगों को मात्र गुमराह करने का ही कार्य किया गया जिस कारण किसानों की हर साल सैकड़ों बीघा जमीन पानी के साथ बह रही है।
सरकार के नुमाइंदे सिर्फ इस मुद्दे को चुनावी वेला में भुनाते हैं और उसके उपरांत यह ठंडे बस्ते में दफन हो जाता हैं। हालांकि सरकार की तरफ से 2011-12 में लगभग ग्यारह करोड़ रुपये की लागत से करीब 6 किमी जाहू से बम तक चैनलाइजेशन किया गया है। उसके बाद सरकार व उसके नुमाइंदे सिर्फ आश्वासनों से ही लोगों को दिलासा देते रहे हैं।
विज्ञापन

बम से बलगाड़ तक का लगभग 25 किमी का यह चैनलाइजेशन सिर्फ समाचार पत्रों की सुर्खियां बटोरता रहा है और धरातल पर कुछ भी नहीं हो सका है। बरसात के दिनों में जब बारिश होती हैं और सीर खड्ड उफान के साथ आती हैं तो सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा जमीन लील जाती है। इस सीर खड्ड पर हजारों की संख्या में पानी व कृषि की स्कीमें हैं जो बरसात के मौसम में पानी के साथ बह जाती हैं। अगर सीर खड्ड का चैनलाइजेशन हो जाता हैं तो इन स्कीमों के बह जाने पर भी रोक लगेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-सनी कहते हैं कि सरकार व उसके नुमाइंदों को बात याद रखनी चाहिए कि जो लोगों के साथ चुनावी वेला में वायदे किए हैं उन्हें निभाएं भी। वायदा खिलाफी लोग कब तक सहन करेंगे।
-ज्ञान चंद ठाकुर ने कहा कि नेताओं को ध्यान में रखकर लोगों के साथ वायदे करने चाहिए, क्योंकि बोलना आसान है और उसे पूरा करना कठिन होता है। उन किसानों व लोगों से पूछो जिनकी जमीन बरसात के दिनों में बह जाती हैं उन पर क्या गुजरती हैं।
-अमरजीत सेन ने कहा कि खड्ड का चैनलाइजेशन न होने से हर साल किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि सालों से सुनते आ रहे हैं कि चैनलाइजेशन होगा लेकिन कब होगा कोई नहीं जानता।
-रामपाल ने कहा कि सीर खड्ड का चैनलाइजेशन बहुत जरूरी है क्योंकि बरसात के दिनों में हजारों बीघा जमीन पानी के साथ बह जाती हैं जिसके कारण किसान लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
-रिपोर्ट आने के बाद बनेगी डीपीआर
विभाग ने इस बारे में जनवरी महीने में सीर खड्ड के चैनलाइजेशन के लिए मॉडल स्टडी के लिए हाईड्रोलॉजीकल विभाग के पास भेजा है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही डीपीआर बनेगी और उसके बाद ही चैनलाइजेशन होगा।

-सतीश कुमार शर्मा, एक्सईएन, आईपीएच घुमारवी
------------
इनसेट...
सरकार से मिली है सहमति
सरकार से इसकी सहमति मिल गई है तथा यह कार्य सरकार के एजेंडे में है। इस चैनलाइजेशन को दूसरे चरण में डाला गया है जिसका विभागीय कार्य चला हुआ है।
....राजेंद्र गर्ग, विधायक घुमारवीं।
-----
जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उस समय विभाग के अधिकारियों ने आधी अधूरी डीपीआर बनाई गई थी फिर भी 23 करोड़ रुपये चैनलाइजेशन के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृत हुए थे और जिनकी एक किश्त विभाग के पास मिल गई थी जिसका कुछ क्षेत्र में कार्य हुआ है। सरकार बदलने के साथ दूसरी किश्त आनी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अब यह योजना ही बंद कर दी और काम वहीं पर रुका हुआ है।
...राजेश धर्माणी, पूर्व कांग्रेस विधायक घुमारवीं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed