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हड़ताल पर गए मजदूरों का कंपनी ने काटा वेतन
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स्वारघाट(बिलासपुर)। टाइडल लेबोरेट्री उद्योग ग्वालथाई में कार्यरत 26 वर्करों का तीन दिन का वेतन कंपनी प्रबंधन की ओर से काट दिया गया है। कंपनी ने यह कार्रवाई हड़ताल पर गए मजदूरों पर की है। वहीं मजदूरों ने भी साफ कर दिया है कि अगर उनका तीन दिन का वेतन जारी नहीं किया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
एटक से संबधित टाइडल लेबोरेट्री ग्वालथाई यूनियन के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया है कि स्थानीय उद्योग प्रबंधन ने मार्च माह के वेतन में से 26 मजदूरों का तीन दिनों का वेतन काट दिया है। वर्करों का आरोप है कि पहले ही उक्त उद्योग प्रबंधन की ओर से वर्करों को कम वेतन दिया जा रहा है। ऊपर से प्रबंधन द्वारा अब तीन दिन का वेतन काट दिया गया है जिस कारण वर्करों को भारी आर्थिक परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।
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यूनियन के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि इस बात का पता उन्हें तब चला जब तीन दिन पहले उनके खाते में प्रबंधन ने मार्च महीने का वेतन डाला है जिसमें वर्करों के तीन दिन के वेतन की कटौती कर दी गई है।
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यूनियन के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि टाइडल लेबोरेट्री उद्योग द्वारा कुशल व अकुशल वर्करों को सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश के अनुसार मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। वर्करों को प्रबंधन द्वारा 6750 की जगह सिर्फ 6400 मासिक वेतन दिया जा रहा है जोकि श्रम कानून की सरेआम उल्लंघन हैं। टाइडल लेबोरेट्री कंपनी यूनियन के प्रधान विक्रम सिंह ने प्रबंधन से मांग की है कि वर्करों के तीन दिन के वेतन में की कई गई कटौती को वापस किया जाए। नहीं तो मजदूरों को प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ेगा।