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तीसरे दिन भी जनजातीय उत्सव में कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
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कलाकारों ने विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति पेश कर बांधा समा
बिलासपुर। बिलासपुर में चल रहे राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव के तीसरे दिन विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों में तैयार होकर मंच पर छटा बिखेरी। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनमोह लिया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने विभिन्न तरह की प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं।
त्रिपुरा से आए कलाकारों ने ममीता विषय पर डांस प्रस्तुत किया। इस विषय के तहत कलाकारों ने यह दर्शाया कि त्रिपुरा में जब फसल रोपी जाती है तो किस तरह त्रिपुरा की महिलाएं व पुरुष नृत्य करते हैं। मध्य प्रदेश से आए कलाकारों ने नोर्था विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य मध्य प्रदेश में कुंवारी युवतियां नव दुर्गा पूजन के समय करती हैं ताकि राक्षस से बच सकें।
जबकि तेलंगाना के कलाकारों ने दिमशा विषय पर नृत्य किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने पहाड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। ओड़िसा के कलाकारों ने सांभल पुरी विषय पर डांस प्रस्तुत किया। जबकि जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने धामली थीम पर डांस किया। मध्य प्रदेश के कलाकारों ने जाबरा नृत्य प्रस्तुत किया। यह नव दुर्गा पूजन के समय किया जाता है। छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने पंथी विषय पर डांस किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने गोजरी नृत्य प्रस्तुत किया। ओडिसा के कलाकारों ने पाइका नृत्य प्रस्तुत किया। जबकि गुजरात के कलाकारों ने सिद्धि धमाल विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया। ------------------------
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.....खेमराज शर्मा।
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बिलासपुर। बिलासपुर में चल रहे राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव के तीसरे दिन विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों में तैयार होकर मंच पर छटा बिखेरी। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनमोह लिया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने विभिन्न तरह की प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं।
त्रिपुरा से आए कलाकारों ने ममीता विषय पर डांस प्रस्तुत किया। इस विषय के तहत कलाकारों ने यह दर्शाया कि त्रिपुरा में जब फसल रोपी जाती है तो किस तरह त्रिपुरा की महिलाएं व पुरुष नृत्य करते हैं। मध्य प्रदेश से आए कलाकारों ने नोर्था विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य मध्य प्रदेश में कुंवारी युवतियां नव दुर्गा पूजन के समय करती हैं ताकि राक्षस से बच सकें।
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जबकि तेलंगाना के कलाकारों ने दिमशा विषय पर नृत्य किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने पहाड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। ओड़िसा के कलाकारों ने सांभल पुरी विषय पर डांस प्रस्तुत किया। जबकि जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने धामली थीम पर डांस किया। मध्य प्रदेश के कलाकारों ने जाबरा नृत्य प्रस्तुत किया। यह नव दुर्गा पूजन के समय किया जाता है। छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने पंथी विषय पर डांस किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने गोजरी नृत्य प्रस्तुत किया। ओडिसा के कलाकारों ने पाइका नृत्य प्रस्तुत किया। जबकि गुजरात के कलाकारों ने सिद्धि धमाल विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया। ------------------------
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