{"_id":"5c11439dbdec224162109322","slug":"41544635293-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसीसी प्रबंधन कर रहा है विस्थापितों के साथ सौतेला व्यवहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसीसी प्रबंधन कर रहा है विस्थापितों के साथ सौतेला व्यवहार
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिला बिलासपुर के बरमाणा गांव में स्थापित एसीसी कारखाने का प्रबंधन वर्ग आज तक विस्थापितों के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार करता आया है। यह बात आरटीआई कार्यकर्ता व जिला बिलासपुर इंटक के महासचिव अमरजीत ने कही।
उन्होंने उद्योग मंत्री विक्रम सिंह के उस बयान की निंदा की है जिसमें विधानसभा में सदर विधायक द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा है कि एसीसी कारखाने के कारण 476 परिवार विस्थापित हुए हैं। जबकि एसीसी प्रबंधन के द्वारा 390 विस्थापितों को रोजगार दिया है।
अमरजीत ने उद्योग मंत्री से अपील की है कि वह तथ्यों के आधार पर ही बात करें, गलत आंकड़ों से विधानसभा को भ्रमित न करें। उनका कहना है कि एसीसी की उद्योग मंत्री पीठ थपथपाना छोड़ दें क्योंकि एसीसी कारखाने से कुल 781 परिवार विस्थापित हुए हैं। जबकि 300-350 विस्थापितों को ही परोक्ष तथा अपरोक्ष तौर पर रोजगार मिला है।
विज्ञापन
अमरजीत का कहना है कि एसीसी कारखाने के प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का सामना सिर्फ तीन-चार पंचायत के लोग तथा विस्थापित कर रहे हैं लेकिन कारखाने से होने वाले फायदों का लाभ बाहर के लोग तथा राजनीतिक लोग ले रहे हैं जोकि विस्थापितों के साथ सरासर धोखा है।
अमरजीत ने उद्योग मंत्री के उस बयान की भी कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि नवंबर तक कारखाने में कार्यरत मजदूरों में से कार्यकाल के दौरान 58 कर्मचारियों की मृत्यु हुई है तथा उनमें से 14 आश्रितों को एसीसी प्रबंधन द्वारा रोजगार दिया गया है। अमरजीत ने कहा कि मैं उद्योग मंत्री तथा एसीसी प्रबंधन वर्ग से यह पूछना चाहता हूं कि बाकी बचे हुए आश्रितों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों हुआ है?
अमरजीत का कहना है कि एसीसी कारखाने से सीमेंट ढुलाई के लिए दो यूनियन काम कर रही है जिसमें लगभग 5000 गाड़ियां सीमेंट की धुलाई कर रही हैं लेकिन विस्थापितों का दुर्भाग्य देखो इन गाड़ियों में केवल मात्र 209 गाड़ियां ही विस्थापितों की हैं बाकी गाड़ियां जिला बिलासपुर के अन्य स्थानों से है। जिला इंटक के महासचिव अमरजीत का कहना है कि वह उन विस्थापितों के आश्रितों की लड़ाई को हाई कोर्ट तक ले जाएंगे जिनकी एसीसी कार्यकाल के दौरान मृत्यु हुई।
विज्ञापन
बिलासपुर। जिला बिलासपुर के बरमाणा गांव में स्थापित एसीसी कारखाने का प्रबंधन वर्ग आज तक विस्थापितों के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार करता आया है। यह बात आरटीआई कार्यकर्ता व जिला बिलासपुर इंटक के महासचिव अमरजीत ने कही।
उन्होंने उद्योग मंत्री विक्रम सिंह के उस बयान की निंदा की है जिसमें विधानसभा में सदर विधायक द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा है कि एसीसी कारखाने के कारण 476 परिवार विस्थापित हुए हैं। जबकि एसीसी प्रबंधन के द्वारा 390 विस्थापितों को रोजगार दिया है।
विज्ञापन
अमरजीत ने उद्योग मंत्री से अपील की है कि वह तथ्यों के आधार पर ही बात करें, गलत आंकड़ों से विधानसभा को भ्रमित न करें। उनका कहना है कि एसीसी की उद्योग मंत्री पीठ थपथपाना छोड़ दें क्योंकि एसीसी कारखाने से कुल 781 परिवार विस्थापित हुए हैं। जबकि 300-350 विस्थापितों को ही परोक्ष तथा अपरोक्ष तौर पर रोजगार मिला है।
विज्ञापन
अमरजीत का कहना है कि एसीसी कारखाने के प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का सामना सिर्फ तीन-चार पंचायत के लोग तथा विस्थापित कर रहे हैं लेकिन कारखाने से होने वाले फायदों का लाभ बाहर के लोग तथा राजनीतिक लोग ले रहे हैं जोकि विस्थापितों के साथ सरासर धोखा है।
अमरजीत ने उद्योग मंत्री के उस बयान की भी कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि नवंबर तक कारखाने में कार्यरत मजदूरों में से कार्यकाल के दौरान 58 कर्मचारियों की मृत्यु हुई है तथा उनमें से 14 आश्रितों को एसीसी प्रबंधन द्वारा रोजगार दिया गया है। अमरजीत ने कहा कि मैं उद्योग मंत्री तथा एसीसी प्रबंधन वर्ग से यह पूछना चाहता हूं कि बाकी बचे हुए आश्रितों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों हुआ है?
अमरजीत का कहना है कि एसीसी कारखाने से सीमेंट ढुलाई के लिए दो यूनियन काम कर रही है जिसमें लगभग 5000 गाड़ियां सीमेंट की धुलाई कर रही हैं लेकिन विस्थापितों का दुर्भाग्य देखो इन गाड़ियों में केवल मात्र 209 गाड़ियां ही विस्थापितों की हैं बाकी गाड़ियां जिला बिलासपुर के अन्य स्थानों से है। जिला इंटक के महासचिव अमरजीत का कहना है कि वह उन विस्थापितों के आश्रितों की लड़ाई को हाई कोर्ट तक ले जाएंगे जिनकी एसीसी कार्यकाल के दौरान मृत्यु हुई।