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लावारिस पशुओं से परेशान तीन दर्जन किसानों ने छोड़ी खेतीबाड़ी
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:17 PM IST
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झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता में लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लावारिस पशुओं के हमलों से कई लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। वहीं कई लोगों को तो जान से भी हाथ धोना पड़ा है। किसानों की फसलों को भी लावारिस पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के झंडूता, बड़ी बिलौर, आनंदघाट, ठप्पर, अमरोआ, गेहड़वीं, भड़ोलीकलां, कलोल, बरठीं, सुनहानी, टिहरा, बड़गांव, बरोहा, मलांगन, मलारी, भल्लू, समोह आदि में लावारिस पशुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कई स्थानों में लोगों ने फसलों को लगाना ही छोड़ दिया है। खेतों में जहां फसल लहराती थी वह अब बंजर हो चुके हैं। आए दिन लावारिस पशुओं के चलते लग रहा जाम
करीब तीन दर्जन किसानों ने खेतों में फसल लगाना ही छोड़ दी हैं। कुछ किसानों ने फसलों को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए कांटेदार तारें भी लगाई हैं। लावारिस पशुओं के हमले का डर स्कूली बच्चों का अधिक रहता है। क्षेत्र के लोगों राजेश कुमार, प्रेम सिंह, पवन कुमार, दिनेश कुमार, नीतीश कुमार, सदाराम, जोगिंद्र सिंह, श्याम सिंह, प्रकाश चंद, बलदेव सिंह, संजय, महेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मदन लाल, अजय कुमार, नवीन कुमार, बलबीर सिंह, ओंकार सिंह, प्यार सिंह, राजेंद्र सिंह के अनुसार लावारिस पशुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लावारिस पशुओं के हमले से लोगों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ती है। स्कूली बच्चों पर भी आवारा पशुओं के हमले का डर लगा रहता है। लोगों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।
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सहायक आयुक्त एवं विकास खंड अधिकारी झंडूता विकास शर्मा के अनुसार विभाग ने क्षेत्र के बल्हसीना में करीब 70 बीघा भूमि अधिग्रहण की प्रपोजल सरकार को भेजी है। इसमें करीब 600 पशुओं को रखने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इसमें पशुओं को बाढ़ बंदी कर रखा जाएगा।
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झंडूता विधानसभा क्षेत्र के झंडूता, बड़ी बिलौर, आनंदघाट, ठप्पर, अमरोआ, गेहड़वीं, भड़ोलीकलां, कलोल, बरठीं, सुनहानी, टिहरा, बड़गांव, बरोहा, मलांगन, मलारी, भल्लू, समोह आदि में लावारिस पशुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कई स्थानों में लोगों ने फसलों को लगाना ही छोड़ दिया है। खेतों में जहां फसल लहराती थी वह अब बंजर हो चुके हैं। आए दिन लावारिस पशुओं के चलते लग रहा जाम
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करीब तीन दर्जन किसानों ने खेतों में फसल लगाना ही छोड़ दी हैं। कुछ किसानों ने फसलों को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए कांटेदार तारें भी लगाई हैं। लावारिस पशुओं के हमले का डर स्कूली बच्चों का अधिक रहता है। क्षेत्र के लोगों राजेश कुमार, प्रेम सिंह, पवन कुमार, दिनेश कुमार, नीतीश कुमार, सदाराम, जोगिंद्र सिंह, श्याम सिंह, प्रकाश चंद, बलदेव सिंह, संजय, महेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मदन लाल, अजय कुमार, नवीन कुमार, बलबीर सिंह, ओंकार सिंह, प्यार सिंह, राजेंद्र सिंह के अनुसार लावारिस पशुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लावारिस पशुओं के हमले से लोगों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ती है। स्कूली बच्चों पर भी आवारा पशुओं के हमले का डर लगा रहता है। लोगों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।
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सहायक आयुक्त एवं विकास खंड अधिकारी झंडूता विकास शर्मा के अनुसार विभाग ने क्षेत्र के बल्हसीना में करीब 70 बीघा भूमि अधिग्रहण की प्रपोजल सरकार को भेजी है। इसमें करीब 600 पशुओं को रखने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इसमें पशुओं को बाढ़ बंदी कर रखा जाएगा।