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झंडूता अस्पताल में 6 महीनों से नहीं कोई डॉक्टर
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:03 PM IST
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झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल स्तर के अस्पताल झंडूत्ता में करीब 6 महीने से कोई भी डॉक्टर न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार करवाना पड़ रहा है। झंडूता अस्पताल में हर रोज करीब 150 लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, डॉक्टर न होने के कारण लोगों को उपचार के बगैर ही घर लौटना पड़ रहा है।
हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से 5 डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए हैं। लेकिन आज दिन तक यहां एक भी स्थायी डॉक्टर की नियुक्त नहीं हो पाई। अस्पताल में रोजाना सौ से डेढ़ सौ मरीज अपना उपचार करवाने आते हैं। यहां पर रोजाना अस्थायी डॉक्टर की तैनाती की जाती है। आए दिन नए-नए डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। इस कारण लोगों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक ही डॉक्टर को 100 से 150 मरीज चेक करने पड़ते हैं।
वहीं झंडूता में पुलिस थाना होने के कारण आए दिन मारपीट जैसे कई मामले आते हैं। इसके कारण अकेले डॉक्टर को एमएलसी भी बनानी पड़ती है। क्षेत्र के लोगों सतपाल, राकेश, प्रकाश, अरविंद, नीतिश, दिनेश, करतार सिंह, नीरज, मनीष, सुरेश, ईश्वर दत्त, ज्ञान सिंह, विजय कुमार, राजेश, अजय, अशोक, संजय ने स्थानीय विधायक से अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती करने की मांग उठाई है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गर्ग के अनुसार अस्पताल में करीब 6 माह से कोई भी डॉक्टर नहीं है। अन्य अस्पतालों से अस्थायी तौर पर रोजाना नए-नए डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे कई बार विभाग को अवगत करवाया गया है।
स्थानीय विधायक जेआर कटवाल ने बताया कि अस्पताल में शीघ्र ही डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से 5 डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए हैं। लेकिन आज दिन तक यहां एक भी स्थायी डॉक्टर की नियुक्त नहीं हो पाई। अस्पताल में रोजाना सौ से डेढ़ सौ मरीज अपना उपचार करवाने आते हैं। यहां पर रोजाना अस्थायी डॉक्टर की तैनाती की जाती है। आए दिन नए-नए डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। इस कारण लोगों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक ही डॉक्टर को 100 से 150 मरीज चेक करने पड़ते हैं।
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वहीं झंडूता में पुलिस थाना होने के कारण आए दिन मारपीट जैसे कई मामले आते हैं। इसके कारण अकेले डॉक्टर को एमएलसी भी बनानी पड़ती है। क्षेत्र के लोगों सतपाल, राकेश, प्रकाश, अरविंद, नीतिश, दिनेश, करतार सिंह, नीरज, मनीष, सुरेश, ईश्वर दत्त, ज्ञान सिंह, विजय कुमार, राजेश, अजय, अशोक, संजय ने स्थानीय विधायक से अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती करने की मांग उठाई है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गर्ग के अनुसार अस्पताल में करीब 6 माह से कोई भी डॉक्टर नहीं है। अन्य अस्पतालों से अस्थायी तौर पर रोजाना नए-नए डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे कई बार विभाग को अवगत करवाया गया है।
स्थानीय विधायक जेआर कटवाल ने बताया कि अस्पताल में शीघ्र ही डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।