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पहाड़ी से मौत बनकर गिरी चट्टान, उजड़ गया हंसता खेलता परिवार
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:17 AM IST
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रितेश गुलेरिया
गंभरौला (बिलासपुर)।
दोपहर एक बजे चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे में बिलासपुर-स्वारघाट के बीच गंभरौला पुल के पास पहाड़ी से चट्टान मौत बनकर गिरी और एक हंसते खेलते परिवार के तीन सदस्यों की जान लील ली। इस दौरान मौके पर मौजूद हर शख्स खौफ से कांप रहा था। चट्टान इतनी बड़ी थी कि कार से टकराते ही उसे खाई में अपने साथ ले गई। इसी गाड़ी के पीछे चल रहे पूह के रहने वाले हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बैंक के प्रबंधक राहुल नेगी भी यह सबकुछ देखकर सिहर गए। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि वह हादसे का शिकार हुई गाड़ी के पीछे चल रहे थे, जैसे वह गंभरौला पुल के समीप पहुंचे तो उनसे आगे एचपी 24 बी 4192 आगे चल रही थी। उन्होंने देखा कि पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। ऐसा देखकर उन्होंने फौरन गाड़ी को रोक लिया। मगर अचानक पहाड़ी के ऊपर से एक बड़ी चट्टान आई और आगे चल रही कार के ऊपर जा गिरी। अगर हमारा फासला कम होता तो हम भी चट्टान की चपेट में आ जाते। इससे एक जोरदार धमाका हुआ और कार आंखों से ओझल हो गई। इस एक पल में हुए हादसे में कल्लर पंचायत के पट्टा गांव के रहने वाले रूपलाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हादसे में उनकी पत्नी सहित भाई और भाभी की मौत हो गई जबकि एक अन्य रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में रूपलाल को भी गंभीर चोटें आई हैं। मगर वह हिम्मत दिखाते हुए खुद ही खाई से सड़क तक पहुंच गए। हालांकि लोगों ने घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें पुलिस अस्पताल लेकर गई। मगर अन्य घायल माया देवी को गंभीर चोटें आई हैं। राहुल नेगी बताते है कि घटना के बाद राहत कार्य के लिए कोई बड़ा प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने खुद ही मौके पर से पत्थर हटा कर सड़क को बहाल किया। जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। राहुल नेगी ने बताया कि उन्होंने आज मौत को करीब से देखा है। क्योंकि पहले उनकी गाड़ी आगे चल रही थी। मगर उन्होंने सावधानी बरत कर गाड़ी पीछे खड़ी कर दी और चट्टान दूसरी गाड़ी पर आ गिरी। यह देखकर वह बुरी तरह से कांप उठे। इसके बाद हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इसके बाद मौजूद लोग फौरन मौके पर पहुंचे और खाई में जाकर घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। सड़क हादसे के बाद एनएच पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। हालत यह थी कि एसडीएम को भी घटना स्थल तक पहुंचने के लिए पैदल आना पड़ा। एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवार को दस-दस हजार और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये फौरी राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नियम अनुसार हर संभव सहायता करेगा।
शोक प्रकट करने जा रहा था परिवार
हादसे का शिकार कल्लर पंचायत के पट्टा गांव का परिवार अपने किसी रिश्तेदार के यहां शोक प्रकट करने के लिए जा रहे थे। मगर रास्ते में ही परिवार पर ही दुखों का पहाड़ टूट गया और एक साथ तीन लोगों की जान चली गई।
इस स्थान पर पहले भी हो चुके है कई हादसे
उक्त स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके है। इस स्थान के पास कुछ समयश् पहले एक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले एक पंजाब रोडवेज की बस भी खाई गिरी थी। इस हादसे में भी एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
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चंडीगढ़-मनाली एनएच पर खतरे से खाली नहीं सफर
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कीरतपुर से लेकर कुल्लू तक सफर खतरे से खाली नहीं रह गया है। यहां स्वारघाट से लेकर बिलासपुर तक कई स्थानों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। पहाड़ों से चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है। इससे कब कहां हादसा हो जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। वहीं सलापड़ का क्षेत्र भी दुर्घटना को लेकर संवेदनशील है। पंडोह से लेकर औट तक का सफर भी खतरनाक है। यहां पर भी आए दिन चट्टानें गिर रही है।
पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इसके बाद मौके पर थाना प्रभारी योगराज चंदेल की अगुवाई में पहुंची, टीम ने जहां घायलों को अस्पताल लाया। एनएच पर लगे जाम को भी कड़ी मशक्कत के बाद खुलवा कर यातायात बहाल करवाया।
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गंभरौला (बिलासपुर)।
दोपहर एक बजे चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे में बिलासपुर-स्वारघाट के बीच गंभरौला पुल के पास पहाड़ी से चट्टान मौत बनकर गिरी और एक हंसते खेलते परिवार के तीन सदस्यों की जान लील ली। इस दौरान मौके पर मौजूद हर शख्स खौफ से कांप रहा था। चट्टान इतनी बड़ी थी कि कार से टकराते ही उसे खाई में अपने साथ ले गई। इसी गाड़ी के पीछे चल रहे पूह के रहने वाले हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बैंक के प्रबंधक राहुल नेगी भी यह सबकुछ देखकर सिहर गए। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि वह हादसे का शिकार हुई गाड़ी के पीछे चल रहे थे, जैसे वह गंभरौला पुल के समीप पहुंचे तो उनसे आगे एचपी 24 बी 4192 आगे चल रही थी। उन्होंने देखा कि पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। ऐसा देखकर उन्होंने फौरन गाड़ी को रोक लिया। मगर अचानक पहाड़ी के ऊपर से एक बड़ी चट्टान आई और आगे चल रही कार के ऊपर जा गिरी। अगर हमारा फासला कम होता तो हम भी चट्टान की चपेट में आ जाते। इससे एक जोरदार धमाका हुआ और कार आंखों से ओझल हो गई। इस एक पल में हुए हादसे में कल्लर पंचायत के पट्टा गांव के रहने वाले रूपलाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हादसे में उनकी पत्नी सहित भाई और भाभी की मौत हो गई जबकि एक अन्य रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में रूपलाल को भी गंभीर चोटें आई हैं। मगर वह हिम्मत दिखाते हुए खुद ही खाई से सड़क तक पहुंच गए। हालांकि लोगों ने घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें पुलिस अस्पताल लेकर गई। मगर अन्य घायल माया देवी को गंभीर चोटें आई हैं। राहुल नेगी बताते है कि घटना के बाद राहत कार्य के लिए कोई बड़ा प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने खुद ही मौके पर से पत्थर हटा कर सड़क को बहाल किया। जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। राहुल नेगी ने बताया कि उन्होंने आज मौत को करीब से देखा है। क्योंकि पहले उनकी गाड़ी आगे चल रही थी। मगर उन्होंने सावधानी बरत कर गाड़ी पीछे खड़ी कर दी और चट्टान दूसरी गाड़ी पर आ गिरी। यह देखकर वह बुरी तरह से कांप उठे। इसके बाद हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इसके बाद मौजूद लोग फौरन मौके पर पहुंचे और खाई में जाकर घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। सड़क हादसे के बाद एनएच पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। हालत यह थी कि एसडीएम को भी घटना स्थल तक पहुंचने के लिए पैदल आना पड़ा। एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवार को दस-दस हजार और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये फौरी राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नियम अनुसार हर संभव सहायता करेगा।
शोक प्रकट करने जा रहा था परिवार
हादसे का शिकार कल्लर पंचायत के पट्टा गांव का परिवार अपने किसी रिश्तेदार के यहां शोक प्रकट करने के लिए जा रहे थे। मगर रास्ते में ही परिवार पर ही दुखों का पहाड़ टूट गया और एक साथ तीन लोगों की जान चली गई।
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इस स्थान पर पहले भी हो चुके है कई हादसे
उक्त स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके है। इस स्थान के पास कुछ समयश् पहले एक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले एक पंजाब रोडवेज की बस भी खाई गिरी थी। इस हादसे में भी एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
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चंडीगढ़-मनाली एनएच पर खतरे से खाली नहीं सफर
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कीरतपुर से लेकर कुल्लू तक सफर खतरे से खाली नहीं रह गया है। यहां स्वारघाट से लेकर बिलासपुर तक कई स्थानों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। पहाड़ों से चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है। इससे कब कहां हादसा हो जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। वहीं सलापड़ का क्षेत्र भी दुर्घटना को लेकर संवेदनशील है। पंडोह से लेकर औट तक का सफर भी खतरनाक है। यहां पर भी आए दिन चट्टानें गिर रही है।
पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इसके बाद मौके पर थाना प्रभारी योगराज चंदेल की अगुवाई में पहुंची, टीम ने जहां घायलों को अस्पताल लाया। एनएच पर लगे जाम को भी कड़ी मशक्कत के बाद खुलवा कर यातायात बहाल करवाया।