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घुमारवीं कॉलेज में पीटीए फंड का हो रहा गलत प्रयोग
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद कॉलेज घुमारवीं में कॉलेज प्रशासन की ओर से पीटीए के पैसे को स्टाफ पर खर्च कर नियमों को धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियम के अनुसार पीटीए का पैसे छात्रों के हित के लिए खर्च किया जाता है लेकिन घुमारवीं कॉलेज में प्रबंधन की ओर से सभी नियमों को ताक पर रख कर पीटीए के पैसे को स्टाफ की सुख सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है। इसका खुलासा आरटीआई से प्राप्त जानकारी से हुआ है।
मगर इससे पहले इस सारे घटना क्रम को छुपाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने एक ही आरटीआई के दो-दो जवाब दे डाले। आरटीआई का जवाब देते हुए कॉलेज प्रबंधन ने पहले तो बताया कि कॉलेज में कोई पंप नहीं लगाया हुआ है। जबकि दो दिन बाद उसी आरटीआई का जवाब फिर से कॉलेज प्रबंधन की ओर से दिया गया जिसमें कहा गया कि कॉलेज मेें पंप लगा है। इसमें सर्मिसबल मोटर व पाइपें पीटीए फंड से लगाई हैं। इसका कनेक्शन आवासीय कॉलोनी को भी दिया गया है। जवाब में कहा गया है कि इस पर पीटीए फंड से 93400 रुपये खर्च किया गया।
जानकारी के अनुसार कॉलेज परिसर में दो वर्ष पूर्व बास्केटबाल ग्राउंड के नजदीक एक हैंडपंप लगाया गया था। यह हैंडपंप यहां पढ़ने वाले छात्रों की मांग पर लगाया गया था। मगर जब यह हैंडपंप लग गया उसके बाद कॉलेज प्रशासन ने हैंडपंप में सर्मिसबल मोटर लगाकर स्टाफ की आवासीय कॉलोनी को भी सप्लाई दे दी। इसका बिजली का बिल भी कॉलेज से दिया जा रहा है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि आवासीय कॉलोनी तक पानी पहुंचाने के लिए सर्मिसबल व पाइपों पर जितना भी खर्च आया वह सारा पैसा पीटीए फंड से खर्च किया गया। आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि आरटीआई मांगने के बाद ही इस हैंडपंप के पानी के सैंपल चेक करवाए गए।
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इनसेट....
आवासीय कॉलोनी में होती है पानी की दिक्कत
आवासीय कॉलोनी में कभी-कभी पेयजल की दिक्कत होती है। इसके चलते पंप से पानी का कनेक्शन आवासीय कॉलोनी को दिया गया है।
...बसुंधरा भारद्वाज कॉलेज प्राचार्य
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घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद कॉलेज घुमारवीं में कॉलेज प्रशासन की ओर से पीटीए के पैसे को स्टाफ पर खर्च कर नियमों को धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियम के अनुसार पीटीए का पैसे छात्रों के हित के लिए खर्च किया जाता है लेकिन घुमारवीं कॉलेज में प्रबंधन की ओर से सभी नियमों को ताक पर रख कर पीटीए के पैसे को स्टाफ की सुख सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है। इसका खुलासा आरटीआई से प्राप्त जानकारी से हुआ है।
मगर इससे पहले इस सारे घटना क्रम को छुपाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने एक ही आरटीआई के दो-दो जवाब दे डाले। आरटीआई का जवाब देते हुए कॉलेज प्रबंधन ने पहले तो बताया कि कॉलेज में कोई पंप नहीं लगाया हुआ है। जबकि दो दिन बाद उसी आरटीआई का जवाब फिर से कॉलेज प्रबंधन की ओर से दिया गया जिसमें कहा गया कि कॉलेज मेें पंप लगा है। इसमें सर्मिसबल मोटर व पाइपें पीटीए फंड से लगाई हैं। इसका कनेक्शन आवासीय कॉलोनी को भी दिया गया है। जवाब में कहा गया है कि इस पर पीटीए फंड से 93400 रुपये खर्च किया गया।
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जानकारी के अनुसार कॉलेज परिसर में दो वर्ष पूर्व बास्केटबाल ग्राउंड के नजदीक एक हैंडपंप लगाया गया था। यह हैंडपंप यहां पढ़ने वाले छात्रों की मांग पर लगाया गया था। मगर जब यह हैंडपंप लग गया उसके बाद कॉलेज प्रशासन ने हैंडपंप में सर्मिसबल मोटर लगाकर स्टाफ की आवासीय कॉलोनी को भी सप्लाई दे दी। इसका बिजली का बिल भी कॉलेज से दिया जा रहा है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि आवासीय कॉलोनी तक पानी पहुंचाने के लिए सर्मिसबल व पाइपों पर जितना भी खर्च आया वह सारा पैसा पीटीए फंड से खर्च किया गया। आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि आरटीआई मांगने के बाद ही इस हैंडपंप के पानी के सैंपल चेक करवाए गए।
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आवासीय कॉलोनी में होती है पानी की दिक्कत
आवासीय कॉलोनी में कभी-कभी पेयजल की दिक्कत होती है। इसके चलते पंप से पानी का कनेक्शन आवासीय कॉलोनी को दिया गया है।
...बसुंधरा भारद्वाज कॉलेज प्राचार्य