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बागछाल पुल 2019 तक बनकर होगा तैयार

Mon, 25 Dec 2017 11:59 PM IST
Updated Mon, 25 Dec 2017 11:59 PM IST
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बागछाल पुल 2019 तक बनकर होगा तैयार
- फोटो : amarujala
बिलासपुर। तीन जिलों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने वाला बागछाल पुल 2019 तक बनकर तैयार हो जाएगा। गोबिंदसागर झील का पानी उतरते ही फिर से पुल का निर्माण कार्य तेजी के साथ शुरू होगा। वहीं, पुल के पिलर को मजबूती देने के लिए दस पाइलें बनाई जाएंगी। पाइलों के निर्माण के लिए कंपनी करीब पांच करोड़ की भारी भरकम आधुनिक मशीन को मौके पर पहुंचा रही है। इसके लिए सड़क को चौड़ा करने का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं सड़क से पिलर तक मशीन को पहुंचाने के लिए अलग से पानी उतरते ही सड़क बना दी जाएगी। इसकी पुष्टि लोनिव के एक्सईएन एसके शर्मा ने की है।
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गौर रहे कि 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुल का शिलान्यास किया था। इसके बाद गैमन इंडिया कंपनी ने इस पुल पर करीब 22 करोड़ खर्च किए। लेकिन मात्र दो पिलर का काम कंपनी कर पाई और बाद में तकनीकी कारणों का हवाला देकर पुल का निर्माण कार्य अधर में छोड़कर चली गई। अमर उजाला ने 26 दिसंबर 2016 के अंक में ‘11 साल में बने सिर्फ दो पिलर मजाक बन गया बागछाल पुल’ शीर्षक के साथ मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद सरकार ने हरकत में आते हुए उसी दिन शाम और अगले दिन शिमला में बैठकें कीं। इसमें गैमन इंडिया कंपनी को फिर से पुल का निर्माण पूरा करने को कहा गया। वहीं 16.85 करोड़ की राशि और मंजूर की गई। वहीं अब झंडूता क्षेत्र की ओर से पुल के पिलर को मजबूत करने के लिए पिलर के चारों ओर दस पाइलें बनाई जाएंगी। इसके लिए कंपनी पांच करोड़ की मशीन को मौके पर लाकर उक्त कार्य करेगी। पाइलें 30 मीटर गहरी होंगी।
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राजनीतिक उपेक्षा के चलते अधर में लटका रहा काम
बागछाल पुल बनने से श्रीनयना देवी और झंडूता क्षेत्र के करीब 50 हजार लोगों को इसका लाभ मिलना है। वहीं, पुल के बनने से बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन जिला के कुछ क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिलना है। लेकिन राजनीतिक उपेक्षा के चलते पुल का निर्माणकार्य अधर में लटका रहा।
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हाईकोर्ट ने भी इस मामले में लिया है कड़ा संज्ञान
वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधान कांशी राम की याचिका पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने 2016 में सरकार को पुल का निर्माण कार्य एक साल में पूरा करने के आदेश दिए थे। लेकिन, कोर्ट के आदेशों के बाद भी सरकार मामले को लेकर गंभीर नहीं हुई। इसके बाद अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।


ऐसे पहुंचेगी मौके पर पहुंचेगी भारी भरकम मशीन
भारी भरकम मशीन को मौके तक पहुंचाने के लिए कई परेशानियां आएंगी। इसके लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। कई जगह ट्राला मूड नहीं पाएगा, वहां जेसीबी मशीन का सहारा लिया जाएगा। बरठीं बाजार में सड़क तंग होने के कारण मशीन के पुर्जे अलग-अलग कर दिए जाएंगे। जिन्हें आगे ले जाकर फिर जोड़ा जाएगा।
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