{"_id":"5b8bf6ed42c7924671664fa5","slug":"21535899373-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनमंचों में सुनी जाए फोरलेन विस्थापितों की समस्याएं : राकेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनमंचों में सुनी जाए फोरलेन विस्थापितों की समस्याएं : राकेश
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कीरतपुर से नेरचौक तक बन रहे फोरलेन में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान राकेश कुमार ने जगह-जगह हो रहे मंचों पर आपत्ति जताई है। उपप्रधान का कहना है कि जनमंच कार्यक्रमों में परियोजनाओं से परेशान लोगों की सुनवाई नहीं की जा रही है।
उपप्रधान का कहना है कि सूबे में आए दिन नए-नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषनाएं की जा रही हैं। जबकि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण का कार्य सुस्त रफ्तार से चल रहा है लेकिन इन जनमंचों में दूर-दूर तक न तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की अथॉरिटी को शामिल किया जा रहा है न इस अथॉरिटी से जुड़े किसी विभाग के अधिकारी को बुला कर इन परियोजनाओं से जुड़े विषयों पर चरचा की जा रही है।
उपप्रधान का कहना है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मुआवजा तक नहीं मिला है। जबकि कई जगहों पर बिना रोड अलाइनमेंट के ही निकाल दिया गया है। जब सरकार लाखों रुपये इन जनमंचों पर खर्च कर रही है तो सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दों पर भी चरचा की जाए व लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपप्रधान का कहना है कि सूबे में आए दिन नए-नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषनाएं की जा रही हैं। जबकि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण का कार्य सुस्त रफ्तार से चल रहा है लेकिन इन जनमंचों में दूर-दूर तक न तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की अथॉरिटी को शामिल किया जा रहा है न इस अथॉरिटी से जुड़े किसी विभाग के अधिकारी को बुला कर इन परियोजनाओं से जुड़े विषयों पर चरचा की जा रही है।
विज्ञापन
उपप्रधान का कहना है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मुआवजा तक नहीं मिला है। जबकि कई जगहों पर बिना रोड अलाइनमेंट के ही निकाल दिया गया है। जब सरकार लाखों रुपये इन जनमंचों पर खर्च कर रही है तो सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दों पर भी चरचा की जाए व लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
विज्ञापन