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श्रीनयना देवी में श्रावण अष्टमी मेले शुरू
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्री नयना देवी (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नयना देवी में श्रावण अष्टमी के मेले धूमधाम से आरंभ हो गए। नयना देवी नगर परिषद तथा मंदिर न्यास एवं जिला प्रशासन ने यात्रियों की हर सुविधा का ख्याल रखा है। पूरे नयना देवी क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस पहरा लगा दिया गया है। नयना देवी मंदिर में आने वाले हर सड़क में चौकसी बढ़ा दी गई है। भाखड़ा डैम, कैंची मोड़ तथा कोलावाला टोबा में यात्रिओं की चेकिंग करने के बाद ही भेजा जा रहा है। अस्त्र-शस्त्र व दूर तक वार करने वाले हथियारों को ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
नयना देवी क्षेत्र को नौ सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में पुलिस एवं अराजपत्रित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। यात्रिओं को निकासी रास्ते से मंदिर के लिए भेजा जा रहा तथा सीढ़ियों के रास्ते से यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है। 20 बस्सों को इन मेलों में स्पेशल चलाया गया है, जबकि रूट की बसें यथावत चलती रहेंगी।
मेले में मंदिर प्रशासन ने लगभग 80 लंगरों की अनुमति दी है। यात्रियों को एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है, जगह-जगह सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। नयना देवी मेला क्षेत्र में 6 उप-स्वास्थ्य केंद्र लगाए गए हैं जो कि 24 घंटे लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में रहेंगे।
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55 सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं, जबकि 30 वॉकीटाकी की सहायता से हर सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है। न्यास ने 110 लोगों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी गाड़ियां हर वक्त तैयार रहेंगी।
मेला अधिकारी विनय कुमार, एसडीएम अनिल चौहान व डीएसपी मनोहर लाल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। यात्रियों का सुबह से जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। लंगर कमेटियों ने भी लंगरों को चालू कर दिया है। रविवार को सुबह 1:30 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
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श्री नयना देवी (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नयना देवी में श्रावण अष्टमी के मेले धूमधाम से आरंभ हो गए। नयना देवी नगर परिषद तथा मंदिर न्यास एवं जिला प्रशासन ने यात्रियों की हर सुविधा का ख्याल रखा है। पूरे नयना देवी क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस पहरा लगा दिया गया है। नयना देवी मंदिर में आने वाले हर सड़क में चौकसी बढ़ा दी गई है। भाखड़ा डैम, कैंची मोड़ तथा कोलावाला टोबा में यात्रिओं की चेकिंग करने के बाद ही भेजा जा रहा है। अस्त्र-शस्त्र व दूर तक वार करने वाले हथियारों को ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
नयना देवी क्षेत्र को नौ सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में पुलिस एवं अराजपत्रित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। यात्रिओं को निकासी रास्ते से मंदिर के लिए भेजा जा रहा तथा सीढ़ियों के रास्ते से यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है। 20 बस्सों को इन मेलों में स्पेशल चलाया गया है, जबकि रूट की बसें यथावत चलती रहेंगी।
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मेले में मंदिर प्रशासन ने लगभग 80 लंगरों की अनुमति दी है। यात्रियों को एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है, जगह-जगह सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। नयना देवी मेला क्षेत्र में 6 उप-स्वास्थ्य केंद्र लगाए गए हैं जो कि 24 घंटे लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में रहेंगे।
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55 सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं, जबकि 30 वॉकीटाकी की सहायता से हर सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है। न्यास ने 110 लोगों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी गाड़ियां हर वक्त तैयार रहेंगी।
मेला अधिकारी विनय कुमार, एसडीएम अनिल चौहान व डीएसपी मनोहर लाल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। यात्रियों का सुबह से जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। लंगर कमेटियों ने भी लंगरों को चालू कर दिया है। रविवार को सुबह 1:30 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।