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स्कूली बच्चों को बताई असली-नकली नोट की पहचान
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोरसिंघी में भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय साक्षरता विषय को लेकर विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें नौवीं से बारहवीं कक्षा के 120 छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक रमेश कुमार ने लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक के बारे में विस्तार से बताया। भारतीय रिजर्व बैंक करेंसी छापने का काम करता है। शिविर में बच्चों को असली और नकली नोट की पहचान करने के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि आरबीआई भारत सरकार के बैंक के रूप में काम करता है। समय-समय पर अन्य बैंकों को नकदी कम होने पर नकदी भी उपलब्ध करवाता है। इसके साथ ही बैंकों में अधिक नकदी होने पर अपने पास जमा करता है।
इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता सलाहकार रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि युवा देश का भविष्य हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उस पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि जब भी अवसर मिले लोगों और समाज के लिए अच्छा काम करने से पीछे नहीं हटें। सब बच्चे अपना बचत खाता बैंक में खुलवाए और छोटी-छोटी बचत करना शुरू करें। यह छोटी बचत ही भविष्य में काम आएगी। यूको आर्सेटी बिलासपुर के निदेशक वीके धीमान ने बताया की यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 45 वर्ष के युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देता है। इसका लोगों को लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य अनिता राव, अजय चंदेल और स्कूल का स्टाफ उपस्थित थे।
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घुमारवीं (बिलासपुर)।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोरसिंघी में भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय साक्षरता विषय को लेकर विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें नौवीं से बारहवीं कक्षा के 120 छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक रमेश कुमार ने लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक के बारे में विस्तार से बताया। भारतीय रिजर्व बैंक करेंसी छापने का काम करता है। शिविर में बच्चों को असली और नकली नोट की पहचान करने के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि आरबीआई भारत सरकार के बैंक के रूप में काम करता है। समय-समय पर अन्य बैंकों को नकदी कम होने पर नकदी भी उपलब्ध करवाता है। इसके साथ ही बैंकों में अधिक नकदी होने पर अपने पास जमा करता है।
इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता सलाहकार रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि युवा देश का भविष्य हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उस पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि जब भी अवसर मिले लोगों और समाज के लिए अच्छा काम करने से पीछे नहीं हटें। सब बच्चे अपना बचत खाता बैंक में खुलवाए और छोटी-छोटी बचत करना शुरू करें। यह छोटी बचत ही भविष्य में काम आएगी। यूको आर्सेटी बिलासपुर के निदेशक वीके धीमान ने बताया की यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 45 वर्ष के युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देता है। इसका लोगों को लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य अनिता राव, अजय चंदेल और स्कूल का स्टाफ उपस्थित थे।
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