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1965 युद्ध के रणबांकुरों की शहादत को सलाम

Fri, 30 Sep 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Fri, 30 Sep 2016 12:08 AM IST
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1965 war soldier
युद्ध स्मारक बिलासपुर पर शहीदों को श्रद्धाजंलि देतीं मुख्यातिथि। - फोटो : अमर उजाला
1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के 51 वर्ष पूरे होने पर वीरवार को पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने जिला स्तरीय स्वर्ण जंयती सम्मान समारोह का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने की। युद्ध स्मारक बिलासपुर में हुए इस समारोह में बेटियां फाउंडेशन की प्रदेशाध्यक्ष सीमा सांख्यान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सबसे पहले दो मिनट का मौन रखकर 1965 के युद्ध में जिला के शहीद हुए रणबांकुरों को श्रद्धांजलि दी गई।
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सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध पांच अगस्त, 1965 से लेकर 23 सितंबर, 1965 तक चला था। युद्ध विराम की घोषणा 23 सितंबर को रात्रि 12 बजे तत्कालीन केंद्र सरकार और भारत सेना द्वारा की गई। पांच अगस्त, 1965 को पाकिस्तानी सेना के 33 हजार सैनिक लाइन ऑफ कंट्रोल को पार करके भारतीय सीमा में घुस आए थे। भारतीय सैनिकों के हौसले इतने बुलंद थे कि पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से लाइन ऑफ कंट्रोल के पीछे धकेल दिया।
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यही नहीं उनके हजारों सैनिकों को मार गिराया और सैकड़ों सैनिकों को घायल कर दिया। मुख्यातिथि सीमा सांख्यान ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1965 का युद्ध बहुत कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया था। इसमें जिला बिलासपुर के 31 वीर सपूतों सहित प्रदेश के 130 रणबांकुरों ने मातृ भूमि की रक्षा करते-करते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। इस युद्ध में सिपाही सुखराम को मरणोप्रांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वीर सपूतों को सर्वोच्च युद्ध पदकों से सम्मानित किया गया।  प्रदेश को 11 वीर चक्र, एक महावीर चक्र और सात सेना मेडल दिए गए।
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इन रणबांकुरों ने पिया था शहादत का जाम
जिला के नायक कर्नल शिव शंकर, राइफलमैन छोटा राम, श्याम लाल, ग्रनेडियर रोशन लाल, सिपाही तुलसी राम, भगत राम, प्रेम लाल, मनसा राम, निक्का राम, तुलसी राम, नायक लाल सिंह, सिपाही जीत सिंह, मनसा राम, भगवान दास, हजूरा सिपाही भागीरथ, हवलदार सिंह, सिपाही भगत राम, अमर नाथ, ग्रनेडियर इंद्र सिंह, सिपाही रोशन लाल, ईश्वर सिंह, सुखराम, परसराम, ग्रनेडियर जीत सिंह और राईफलमैन रब्बो राम ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।


इस अवसर पर पंचायत समिति उपाध्यक्ष मनोज, कैप्टन भाग सिंह, योगेंद्र जम्बाला, अमरनाथ धीमान, जोगेंद्र सेन, संजय चौधरी, प्रीतम सिंह, सुरेंद्र, बालक राम, सूबेदार हरि सिंह, जीत राम, रामानंद, जगजीत सिंह, कैप्टन धनी राम धीमान, हवलदार सुरेंद्र शर्मा, शिव सिंह, जगदीश, लच्छुराम और  देशराज सहित अल्फा अकादमी के छात्र भी उपस्थित रहे।
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